अजमेर

सावन का पहला सोमवार होगा खास, बगीचों में यूं नजर आएगी रौनक

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Jul 30, 2018
special monday

अजमेर

शहर के शिवालय बोल बम के जयकारे गंूज रहे हैं। रविवार को भी मंत्रोच्चार से रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, पूजन का दौर चला। शहर के कोटेश्वर महादेव मंदिर, मदार गेट, रामगंज, केसरगंज, बिहारी गंज, नया बाजार, आंतेड़, आगरा गेट, वैशाली नगर, कोटड़ा, आदर्श नगर और अन्य शिवालयों में लोगों ने बिल्व पत्र, पुष्प, हल्दी-चंदन, दूब, दूध और अन्य सामग्री से पूजा-अर्चना की। कई जगह मंत्रोच्चार और रुद्रिपाठ के साथ जलाभिषेक, रुद्राभिषेक हुआ। इसके अलावा कई महिलाओं और पुरुषों ने व्रत-उपवास रखा।

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पहला वन सोमवार

परम्परानुसार सावन का दूसरा वन सोमवार 30 जुलाई को होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत रखने वाली महिलाएं-बालिकाएं सुभाष उद्यान अथवा अन्य स्थानों पर जाकर भोजन करेंगी। सावन माह में 6, 13 और 20 अगस्त को भी वन सोमवार आएंगे।

बदलेगा पुस्तकालय का स्वरूप

पूर्व में आईएएस अधिकारी और शिक्षक रहे अध्यक्ष दीपक उप्रेती को पढऩे-लिखने का काफी शौक है। उन्होंने पदभार संभालने के बाद सदस्यों और अधिकारियों से सबसे पहले आयोग के पुस्तकालय के बारे में पूछा। जब उन्हें पुस्तकालय के बहुत ज्यादा स्तरीय नहीं होने की जानकारी मिली, तो वे भी हैरान रह गए। उप्रेती ने पुस्तकालय को तत्काल बेहतरीन बनाने पर जोर दिया।

मंगवाएंगे विविध विषयों की किताबें

आयोग के पुस्तकालय में नियमित पत्र-पत्रिकाओं के अलावा विविध विषयों की किताबें मंगवाई जाएंगी। इनमें राजस्थान और अन्य प्रांतों के साहित्य, कला-संस्कृति, इतिहास, नाट्य विधा, परम्पराओं, सम-सामायिकी, वैश्विक गतिविधियों से जुड़ी किताबें, पुराने और नए नामचीन लेखकों की पुस्तकें शामिल होंगी। इसके अलावा कला, वाणिज्य और विज्ञान सहित अन्य संकायों से जुड़ी विविध पुस्तकें भी मंगवाई जाएंगी। ताकि यहां सदस्यों, विशेषज्ञों, अधिकारियों और कर्मचारियों एवं आगंतुकों को पढऩे के लिए वृहद सामग्री मिल सके। इसके अलावा देश के अन्य प्रांतों के लोक सेवा आयोग के पुस्तकालयों का अवलोकन भी किया जाएगा।

एशिया का सबसे बड़ा लाइब्रेरी हॉल

अध्यक्ष उप्रेती ने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय की टैगोर लाइब्रेरी पूरी दुनिया में विख्यात है। इस लाइब्रेरी का हॉल अपने आकार में एशिया में सबसे बड़ा है। यहां करीब 7 लाख से ज्यादा किताबें, 10 हजार से ज्यादा शोध ग्रंथ, 2 हजार से ज्यादा पांडुलिपि और हस्तलिखित ग्रंथ हैं। 20 हजार से ज्यादा ऑनलाइन जर्नल हैं। पूर्व में विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों के पास आने वाली पुस्तकों की नमूने की प्रति (स्पेसिमेन) भी सीधे पुस्तकालय में जमा होती थी।

अजमेर की इन संस्थाओं में स्तरीय लाइब्रेरी

-महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (1987 से)

-सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय (1836 से)

-दयानंद कॉलेज और सोफिया कॉलेज (करीब 70 साल से)

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Published on:
30 Jul 2018 08:18 am
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