यूं तो घूमना फिरना सभी को पसंद होता है लेकिन जब यह सफर अकेले या दोस्तों के साथ हो तो बात अलग होती है.
सोनम राणावत/अजमेर. यूं तो घूमना फिरना सभी को पसंद होता है लेकिन जब यह सफर अकेले या दोस्तों के साथ हो तो बात अलग होती है...जीवन के सफर को और करीब से जानने व देखने की होड़ इन दिनों शहर के युवाओं में देखने को मिल रही है। युवाओं में ट्रेवलिंग जबरदस्त क्रेज है। छुट्टियां हुई नहीं कि युवाओं के सैर-सपाटे के प्रोग्राम बन जाते हैं। ऐसे में युवा अपने पेरेन्ट्स की बजाय अपने फ्रेंड्स के साथ घूमने फिरने का शौक रखने लगे हैं।
कुछ समय पहले तक जब कामकाज या कॉलेज से छुट्टी मिलती थी तो बच्चों को माता-पिता आस-पास की जगहों पर घुमाने ले जाया करते थे या बच्चे दादी-नानी के घर जाया करते थे लेकिन अब समय के साथ युवाओं का टेस्ट भी बदल गया है। अब युवा दुनिया को अपनी नजरिये से देखना चाहते हैं।
फोटोग्राफी व प्रकृति प्रेम कर रहा आकर्षित
युवाओं में इन दिनों विशेष प्रकृति प्रेम देखने को मिल रहा है इसके तहत युवा ज्यादा से ज्यादा खूबसूरत जगहों पर जाकर प्राकृतिक दृश्यों को देखने व उस जगह को यादगार बनाने के लिए आकर्षक तस्वीरें क्लिक करने के लिए ऐसी जगहों पर जा रहे हैं।
फेमिली बाउंडेशन से दूर
27 वर्षीय मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि युवाओं में दोस्तों के साथ ट्रेवलिंग करने का क्रेज दिनों दिन बढऩे का मुख्य कारण फमिली बाउंडेशन से दूर रहना है। परिवार के साथ यात्रा के दौरान युवाओं को कई तरह की बंदिशों का सामना करना पड़ता है, साथ ही पारिवारिक यात्रा का एक तय कार्यक्रम होता है इससे बचने के लिए युवा अपनी मनमर्जी से अपनी पसंद के स्थानों पर घूमने व एन्जाय करने के उद्देश्य से दोस्तों के साथ ट्रेवलिंग करना पसंद करते हैं।
होती है नए लोगों से पहचान
एमडीएस यूनिर्वसिटी में पढ़ रहे 23 वर्षीय देवांश शर्मा ने बताया कि उसे अकेले सफर करना पसंद है, इसका मुख्य कारण उन्होंने बताया कि इससे कई नये लोग सफर में मिलते हैं जिससे न केवल नई-नई जगहों के बारे में जानकारी मिलती है बल्कि कई अनजान लोगों से जान-पहचान होने से एक अच्छा फ्रेंड सर्किल बन जाता है।