अजमेर

zila parisad ajmer : जवाब देने का तरीका नहीं, यहां से बाहर चले जाएं

जिला परिषद की साधारण सभा में जिला प्रमुख ने रोडवेज के अधिकारियों को लगाई लताड़ जिले में रोडवेज बसों के अनियमित संचालन पर जिला परिषद सदस्यों ने जताई नाराजगी
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Updated: 13 Dec 2019, 11:21 PM IST
zila parisad ajmer : जवाब देने का तरीका नहीं, यहां से बाहर चले जाएं
zila parisad ajmer : जवाब देने का तरीका नहीं, यहां से बाहर चले जाएं

अजमेर.

जिले में रोडवेज बसों के अनियमित संचालन पर शुक्रवार को जिला परिषद की साधारण सभा में सदस्यों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जिला प्रमुख वंदना नोगिया के समक्ष इसको लेकर नाराजगी जताई।

इस पर जिला प्रमुख नोगिया ने रोडवेज अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। ब्यावर से दूधालेश्वर बस के अनियमित संचालन पर सदस्य डाउसिंह ने समस्या रखी।

इस पर रोडवेज के अधिकारियों ने इस संबंध में ब्यावर में ही शिकायत दिए जाने की बात कही। इसके बाद जिला प्रमुख नोगिया ने अधिकारियों को लताड़ लगाई।

उन्होंने कहा कि आपको पता होना चाहिए ये जिला स्तरीय बैठक है। आप तरीके से जवाब देना सीखें। एकबारगी तो उन्होंने अधिकारियों को बाहर चले जाने की बात भी कह दी।

फिर, क्या हवा में चल रही हैं रोडवेज बसें

सभा में पीसांगन प्रधान अशोक सिंह रावत, सदस्य संतोष गोयल और डाउसिंह आदि ने जिले में रोडवेज बसों के अनियमित संचालन की बात कही।

गोयल ने कहा कि रोडवेज अधिकारी कहते हैं कि बसें चल रही हैं, जबकि सड़क पर बस चल नहीं रहीं तो क्या बसें हवा में चल रही हैं। आज भी प्राइवेट बस में दरवाजे पर लटककर बैठक के लिए आना पड़ा।

अब एेसे में क्या जिला प्रमुख मैडम को बोलूं कि पीसांगन लेने आ जाओ। प्रधान रावत ने कहा कि थौरी और पिचौलिया की बसें बंद कर दी गईं। रोडवेज की बसें पूरी तरह कंडक्टरों की मनमर्जी पर चल रही हैं।

विधायक टांक ने पढ़ा संदेश

बैठक के बीच ही किशनगढ़ विधायक सुरेश टांक ने दैनिक यात्री का किशनगढ़ से अरांई रोडवेज बसें नियमित नहीं चलने पर समस्या समाधान की मांग का मोबाइल पर आया संदेश पढ़कर सुनाया।

उन्होंने सदस्यों को कागज पर शिकायत लिखने की सीख भी दी। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान तब तक नहीं होगा जब तक आप शिकायत लिखकर नहीं दोगे।

5 अम्बेडकर भवन निर्माण के प्रस्तावों का भी अनुमोदन

इससे पूर्व पंचायतीराज चुनाव से पूर्व की लगभग अंतिम सभा में जिला परिषद सदस्यों ने पट्टे वितरण समेत अन्य समस्याओं के निस्तारण पर चर्चा की।

सभा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तृतीय चरण में अपग्रेडेशन के लिए डीआरआरपी केंडीडेट सड़क एवं सीयूसीपीएल सड़कों के पंचायत समितियों से अनुमोदित एवं ऑनलाइन प्रक्रिया से प्राप्त 132 सड़कों के प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।

साथ ही मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत पंचायत समिति मुख्यालयों पर ५ अम्बेडकर भवन निर्माण के प्रस्तावों का भी अनुमोदन हुआ। प्रारंभ में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने स्वागत भाषण के साथ योजना की जानकारी दी।

सदस्य बोले, आंख बंद कर तैयार कर दी सूची

सड़कों की सूची पर सदस्य शमशेर सिंह ने खासी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बिना किसी प्राथमिकता के सूची तैयार कर दी है। इसमें गाइडलाइन की भी अनदेखी की गई है।

मुख्यत: किसानों को अपनी उपज मंडी पहुंचाने, सीनियर सैकंडरी स्कूल और अस्पतालों तक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराया जाना था, जबकि सूची में एसी कई सड़कों का उल्लेख नहीं है।

पीसांगन प्रधान अशोक सिंह रावत ने भी कहा कि पीसांगन क्षेत्र की सूची में भी एसी कई सड़कें हैं, जो बेहतर स्थिति में हैं, जबकि क्षतिग्रस्त सड़कों का उल्लेख नहीं है। सदस्य शंकरलाल धाकड़ ने कहा कि पीपरोली-हिंगोनिया सड़क ६ महीने में ही टूट गई, जबकि इसे बनाते समय भी गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई थी, लेकिन दरकिनार कर दी गई।

Updated on:
13 Dec 2019, 11:21 PM IST
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