अमीरुद्दीन का कहना है कि फ्लाइंग मशीन को बनाने में करीब एक लाख का खर्चा आया है और मशीन में बाइक का 180 सीसी इंजन लगा है।
अलीगढ़. मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इन पंक्तियों को साकार किया कर दिया है अलीगढ़ के रहने वाले अमीरद्दीन ने। अलीगढ़ के टप्पल इलाके में रहने वाले अमीरुद्दीन ने तीन साल की कड़ी मेंहनत के बाद अपने सपनों को उड़ान दे दी है। 12वीं पास युवक ने उड़न खटोला बना दिया।
देशी जुगाड़ से बनाया उड़न खटोला
बता दें कि एक मजदूर नूरुद्दीन के बेटे अमीरुद्दीन ने महज 12वीं पास होने के बाद देशी जुगाड़ से उड़ने वाली अनोखी फ्लाइंग मशीन मोटरसाइकिल के एक सौ सीसी इंजन से तैयार की है। अमीरुद्दीन मशीन को पूरा करने में लगा रहा और उसने जो सोचा उसे तैयार करके दिखा दिया।
तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद दी सपनों को उड़ान
अमीरुद्दीन ने तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद फ्लाइंग मशीन को बनाया है। अब सिर्फ परमिशन मिलने का इंतजार है। सरकार द्वारा परमिशन मिलते ही अमीरुद्दीन की फ्लाइंग मशीन आसमान की सैर करेगी। अमीरुद्दीन का कहना है कि फ्लाइंग मशीन को बनाने में करीब एक लाख का खर्चा आया है और मशीन में बाइक का 180 सीसी इंजन लगा है। साथ ही छोटे-छोटे पहिए म (टायर) लगे हैं। इसके अलावा लकड़ी का पंखा लगा है। फिलहाल इस मशीन में एक ही व्यक्ति बैठेगा, लेकिन अमीरुद्दीन ने बताया कि परमिशन मिलने के बाद ट्राई लेने के बाद दो व्यक्ति बैठ सकते हैं।
जो सोचा, वही किया
अमीरुद्दीन का कहना है कि इस सपने को साकार करने में उसके परिजनों का सबसे बड़ा योगदान है। उसके भाई कमाल मलिक ने कहा कि उसका छोटा भाई देर रात इस मशीन को बनाता रहता था। उसके मना करने के बावजूद भी अमीरुद्दीन मशीन को पूरा करने में लगा रहा और उसने जो सोचा उसे तैयार करके दिखा दिया।