अलीगढ़ में 29 मई 2011 में अवैध संबंधों में हुई एक युवक की हत्या के मामले में गैर जमानती वारंट तामील होने पर भी आगरा के सीओ अछनेरा राजीव सिरोही के गवाही नहीं देने पर अलीगढ़ जिला सत्र न्यायालय ने कुर्की के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं उनके वेतन से 1/5 अंश गवाही तक प्रति महीने काटने के भी आदेश दिए हैं।
यूपी के अलीगढ़ में देहली गेट थाना क्षेत्र में 29 मई 2011 में अवैध संबंधों में हुई एक युवक की हत्या के मामले में गैर जमानती वारंट तामील होने के बाद भी आगरा के सीओ अछनेरा राजीव सिरोही के गवाही देने नहीं आने पर अलीगढ़ जिला सत्र न्यायालय की अदालत ने सख्त रुख अख्तियार किया है। एडीजी कोर्ट-3 ने आगरा के सीओ अछनेरा के खिलाफ कुर्की के आदेश जारी कर दिए हैं। इतना ही नहीं उनके वेतन से 1/5 अंश गवाही होने तक प्रति महीने काटने के भी आदेश दिए हैं। इसके साथ ही एसएसपी आगरा को आदेश की प्रति भेजी है। इसके साथ ही अदालत ने चेतावनी दी है कि अवमानना पर इसे नोटिस माना जाएगा। अब इस मामले में अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
इस मामले में अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी केएम जौहरी ने बताया कि अलीगढ़ के थाना देहली गेट इलाके में 29 मई 2011 को अवैध संबंधों के चलते कोतवाली पेंटर वाली गली के अब्दुल मन्नान की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। अब्दुल मन्नान की हत्या करने के बाद कातिल शव को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद शव थाना देहली गेट के जंगलगढ़ी में पड़ा मिला था। बेटे की हत्या किए जाने की सूचना पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे थे, जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर डेड शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। उसके बाद मृतक अब्दुल मन्नान के पिता अनवर खान ने थाने पहुंचकर लिखित में तहरीर देते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
5 अगस्त को अदालत ने जारी किए थे गैर जमानती वारंट
हत्या के मुकदमे के तत्कालीन विवेचक एसओ देहली गेट राजीव सिरोही वर्तमान में यूपी के आगरा जिले में सीओ अछनेरा पद पर तैनात हैं। 5 अगस्त को अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर अदालत ने तलब किया था, लेकिन वारंट तामील होने के बाद भी क्षेत्राधिकारी अछनेरा राजीव सिरोही 22 अगस्त को नियत तारीख पर अदालत में हाजिर नहीं हुए।
आदेश की अवमानना पर पुलिस अधिनियम के तहत माना जाएगा नोटिस
अदालत ने सीओ राजीव सिरोही के खिलाफ धारा 82 के तहत कुर्की के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही उनके वेतन में से 1/5 अंश प्रतिमाह सीओ के गवाही देने आने तक वसूली के आदेश भी दिए गए हैं। अदालत ने आगरा एसएसपी को आदेश दिया है कि इस आदेश की अवमानना पुलिस अधिनियम के तहत नोटिस माना जाएगा। जबकि अदालत ने पैरोकार को आदेश की प्रति तत्काल मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।