
अलीगढ़। शनिवार का दिन अलीगढ़ के गांव मूसेपुर निवासियों के लिए काले दिन से कम न था। उधर पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ समारोह में पाकिस्तानी के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को गले लगाकर भाईचारा निभा रहे थे, इधर अलीगढ़ के थाना लोधा क्षेत्र के गांव मूसेपुर का एक लाल उसी दिन शहीद हुआ था। पूरे गांव में दलवीर सिंह की शहादत की खबर ने मातम का माहौल पैदा कर दिया था। हर तरफ चीख पुकार मची थी। किसी के घर का चूल्हा नहीं जला था।
बारूद की सुरंग फटने से हुए थे शहीद
गांव मूसेपुर निवासी भूपेंद्र सिंह के छोटे पुत्र दलवीर सिंह नबम्बर 2011 में आर्मी की 57 राष्ट्रीय राइफल में भर्ती हुए थे। वर्तमान समय मे उनकी तैनाती उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में थी। शनिवार को जब पाकिस्तान में नई सरकार का शपथ समारोह चल रहा था, वे नियंत्रण रेखा पर गुलाब पोस्ट के आगे देश की हिफाजत के लिए गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान ही दलवीर का पैर बारूद की सुरंग पर पड़ गया। इससे जोरदार धमाके के साथ विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में दलवीर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें फौरन द्रगमुला सैन्य अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
एक ही बार में हो गया था चयन
उनकी शहादत की खबर जैसे ही उनके परिजनों को दी गई, पूरे गांव में चीख पुकार मच गई। हर कोई सौम्य स्वभाव के दलजीत की मौत की खबर से दुखी था। इस कारण गांव में किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला। बताते हैं कि दलवीर शुरू से ही सेना में जाकर देश की हिफाजत करने का जुनून सवार था। उसने इसके लिए काफी मेहनत की थी और एक ही बार में उसका चयन हो गया था। दलवीर के बड़े भाई सत्यवीर फिलहाल छतीसगढ़ में आरएएफ में तैनात हैं।
मुख्यमंत्री ने परिवार 25 लाख की सहायता की घोषणा की
शहीद दलवीर सिंह के परिवार के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सांत्वना व्यक्त की है। उन्होंने शहीद के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की।