Digital Attendance: उत्तर प्रदेश में आज यानी 8 जुलाई से डिजिटलीकरण करने का आदेश जारी किया गया है।
Digital Attendance: शिक्षक संगठनों के विरोध के बीच राज्य परियोजना निदेशक और महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने आज से परिषदीय विद्यालयों के दर्जन रजिस्टर का डिजिटलीकरण करने का आदेश जारी किया है। यही नहीं, विद्यार्थियों के साथ अध्यापक, अध्यापिका और प्रधानाध्यापक टैबलेट पर चेहरा दिखाकर हाजिरी लगाएंगे। इस आदेश के बाद शिक्षक संगठनों के होश उड़ गए हैं। वह इसके विरोध में कार्य बहिष्कार की रणनीति बना रहे हैं।
प्रेरणा पोर्टल पर डिजिटल रजिस्टर नाम से ऐप विकसित किया गया है। ऐसे में वर्तमान में प्रयोग किए जा रहे मैनुअल रजिस्टर को समाप्त कर इस डिजिटल फॉर्मेट पर सभी सूचनाएं दी जाएंगी। जिसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी टैबलेट पर फेस रिकग्निशन सिस्टम से उपस्थिति दर्ज करानी होगी। शिक्षकों को स्कूल में प्रवेश और प्रस्थान करते समय दोनों बार हाजिरी लगानी होगी।
शासन ने 15 जुलाई से डिजिटल रजिस्टर से ही कार्य करने का आदेश जारी किया था। मगर स्कूल खुलते ही शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। ऐसे में महानिदेशक कंचन वर्मा ने आठ जुलाई यानी आने वाले सोमवार से इस आदेश का पालन करने का आदेश प्रदेश के सभी बीएसए को दिया है। सभी स्कूलों को प्रति टैबलेट सिम और इंटरनेट के लिए प्रति महीने 200 रुपये दिए गए हैं।
परिषदीय स्कूलों में हर दिन विद्यार्थियों की हाजिरी और एसडीएम की डिजीटल रिपोर्ट पंजिका में अलीगढ़ 61 वें स्थान पर है। परियोजना से जारी हुई इस सूची पर बीएसए ने नाराजगी जाहिर करते हुए सभी को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। स्कूलों के 12 रजिस्टर डिजिटल होने हैं। इसकी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों की है। मगर अलीगढ़ की दो फीसद आनलाइन उपस्थित दर्ज कराई गई है। बीएसए ने सभी को निर्देश दिया कि वह टेबलेट के लिए सिम कार्ड लेकर इस पर कार्य शुरू कर दें। इसकी मॉनिटरिंग परियोजना से हो रही है। अन्यथा कार्रवाई को तैयार रहें।