-क्षमता 4 की पर ऑटो में सवार हैं 35 लोग-ऑटो है या ट्रक समझ पाना मुश्किल-यातायात नियमों को धता बताने वाला मामला-सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
अलीराजपुर. ये बात तो अकसर लोग जानते हैं कि, आरटीओ नियमों के अनुसार, एक ऑटो रिक्शा में ड्राइवर समेत बैठने वालों की क्षमता 4 लोगों की होती है। लेकिन, ऑटो वाले अदिक कमाई के चक्कर में इससे एकाद सवारी भी अधिक बैठाल लें तो ट्राफिक पुलिस द्वारा उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाती है। लेकिन, मध्य प्रदेश के अलीराजपुर में ऑटो चालक ने सवारियों को बैठाने के मामले में कमाल ही कर दिया है। चार लोगों की छमता वाले ऑटो में चालक ने 6, 8 या 15 नहीं बल्कि 35 सवारियों को बैठाकर सड़क पर चला रहा है। इस ऑटो में सवार लोगों के साथ सड़क पर चलते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो अलीराजपुर के जोबट का है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि, ऑटो में करीब 30 से 35 यात्री सवार हैं। 7 से 8 लोग ऑटो की लेफ्ट और राइट में लटके हुए हैं तो वहीं 7 से 8 लोग पीछे सवार हैं। ऊपर भी 8 से 10 बच्चे बैठे हुए हैं। अंदर का भी नजारा कुछ इसी तरह का दिखाई दे रहा है। खास बात ये है कि, ऑटो पर सिर्फ पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी लटककर यात्रा कर रही हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखने वाला हर कोई हैरान है कि, एक ऑटो में इतने लोग कैसे बैठाए जा सकते हैं। इतनी सवारियां तो एक बस में आती हैं, जितनी इस चालक ने ऑटो में भरकर रखी हैं। अगर ऑटो की क्षमता से इतना अदिक वजन होने पर कोी हादसा हो जाए तो ये ऑटो चालक कितने लोगों की जान का खतरा मोल ले रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैरान कर देने वाला वीडियो
हालांकि, शहर के लोगों का तो ये भी कहना है कि, ये कोई नई बात नहीं है, अलीराजपुर जिले में चलने वाले अधिकतर छोटे वाहनों में अधिक मुनाफा कमाने की लालच में सवारियों को इसी तरह भेड़-बकरियों की तरह ठूंसठूंस कर बैठाया जाता है। शहर ही नहीं, बल्कि जिलेभर की ज्यादातर सड़कों पर इस तरह के ऑटो आपको आसानी से देखने को मिल जाएंगे। 4 से 5 सीटर वाहनों में लगभग 30 से 35 सवारियों को बैठाकर ओवर लोडिंग की जा रही है। जिससे कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।
ऑटो में मिनी बस की क्षमता
हालांकि, हैरानी की बात तो ये है कि, ये कोई क्षमता से एक दो सवारी अधिक बैठाने की लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि एक ऑटो में इतनी सवारियां भरी जा रही हैं, जितनी एक मिनी बस की क्षमता होती है। इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद ये ऑटो चालक यातायात नियमों का मखोल उड़ा रहे हैं तो वहीं यातायात विभाग का इनपर कोई ध्यान नहीं है।