
Alirajpur news: एमपी में पुलिस ने फर्जी स्थानांतरण आदेश बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से भेजने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। बता दें कि फर्जीवाड़े का खुलासा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से हुआ है। पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह ने बताया कि 22 अगस्त को सीएमएचओ डॉ. राजेश अतुलकर ने कोतवाली में आवेदन दिया था। इसमें बताया गया कि 21 जुलाई को उनके मोबाइल नंबर पर अज्ञात नंबर से सोशल मीडिया के माध्यम से पत्र मिला। जो मुख्यमंत्री के नाम से तैयार किया गया था।
पत्र में मुख्यमंत्री के लेटर पैड एवं फोटो था। इसमें आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. निर्मला निगवाल का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उदयगढ़ से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोंडवा स्थानांतरण करने का आदेश था। उक्त फर्जी पत्र की जानकारी मिलने पर सीएचएमओ ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। आवेदन के आधार पर कोतवाली थाने में धारा 318 (4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एएसपी ज्योति उमठ बघेल एवं एसडीओपी शक्तिसिंह चौहान के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी मुकेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपी से मोबाइल फोन एवं टैबलेट जब्त किया।
विवेचना के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में सोंडवा साकड़ी निवासी नवलसिंह पिता घिरमटिया सरतिया के मोबाइल से फोन 45,000 रुपए का ट्रांजेक्शन मिला। पूछताछ में उक्त कार्य के संबंध में 40,000 में सौदा तय होना भी सामने आया है। आरोपी से पूछताछ कर फर्जी पत्र तैयार करने, सोशल मीडिया के माध्यम से भेजने तथा आर्थिक लेन-देन से जुड़े अन्य तथ्यों की विवेचना की जा रही है। प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी आलीराजपुर निरीक्षक सोनू सितोले, थाना प्रभारी नानपुर निरीक्षक राजेश डावर, उप निरीक्षक सुनील रंधे, प्रधान आरक्षक सुनील, प्रधान आरक्षक दिनेश, आरक्षक गंगाराम एवं साइबर पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पुलिस ने जांच में पाया है कि फर्जी लेटरहेड भेजने वाला आरोपी मुकेश भोसले सीहोर जिले के श्यामपुर का निवासी है। सीएमएचओ के अनुसार, जिस नंबर से मुकेश भोसले ने फर्जी लेटरहेड भेजा था। उसके डीपी पर मध्यप्रदेश शासन का लोगो था। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग डॉक्टर और ड्राइवर की भूमिका की जांच भी करेगी।