मालाखेड़ा क्षेत्र के मोरेड़ा गांव में बिजली लाइन का तार टूटकर बाड़े में गिरने से बड़ा हादसा हो गया। करंट की चपेट में आने से करीब 50 बकरे-बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पशुपालक को भारी नुकसान हुआ।
मालाखेड़ा। क्षेत्र की ग्राम पंचायत महुआ के निकट मोरेड़ा गांव में रविवार को एक गिलहरी के संपर्क में आने से 11 केवी बिजली लाइन का इंसुलेटर जल गया। इससे करंट प्रवाहित तार टूटकर एक बाड़े में गिर गया, जिससे करंट की चपेट में आकर लगभग 50 बकरे-बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार पीड़ित पशुपालक इलियास पुत्र फुलू ने बताया कि उसे करीब 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। हादसे के बाद लोगों ने सूचना देकर बिजली बंद कराई। आरोप है कि घटना के करीब एक घंटे तक मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। बाद में घटनास्थल पर पहुंचे पटवारी एवं भू-अभिलेख निरीक्षक आदि ने मौका रिपोर्ट बनाई।
बिजली निगम के कार्मिकों की टीम ने 11 केवी लाइन के जले इंसुलेटर को बदलकर लाइन को दुरुस्त किया। पुलिस ने एकत्रित भीड़ को मौके से हटाया और मृत पशुओं को दफनाया गया। ग्राम पंचायत सरपंच इमरान खान ने भी पहुंचकर घटना की जानकारी ली। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस के अनुसार पशुपालक इलियास ने बताया कि जिस लाइन का तार टूटा, वह उसके मकान और बाड़े के ऊपर से गुजर रही है। तार टूटने से 10 से 15 मिनट पहले उसकी पत्नी, साला और बच्चे बाड़े में चारा डालकर घर लौटे थे। यदि वे वहीं होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। तार टूटकर सीधे बकरियों पर गिरा, जिससे 50 पशुओं की मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार तीन महीने पहले भी इसी लाइन का तार टूटा था। उस समय बड़ा हादसा टल गया था। आरोप है कि बिजलीकर्मियों ने लाइन की मरम्मत सही तरीके से नहीं की और पुराने तार नहीं बदले। यह लाइन दादर की तरफ जा रही है। इस संबंध में समाचार लिखे जाने तक पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी।
नियमानुसार पशुपालक को उचित मुआवजा दिया जाएगा। लोगों की सूचना पर निगम की टीम पहुंची थी। एक गिलहरी 11 केवी लाइन के संपर्क में आने के कारण इंसुलेटर जल गया था, जिससे तार टूटकर बकरियों के बाड़े में गिर गया। लोहे की जाली लगी होने के कारण बकरियां बाहर नहीं आ पाईं।
बिजली निगम कर्मियों की लापरवाही से पशुपालक को भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित को मुआवजा देने और लाइन को तुरंत दुरुस्त कराने की मांग की गई है।