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Good News: राजस्थान की बिजली कंपनियों पर रेगुलेटरी एसेट्स का बोझ 49 हजार 842 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इसी कारण कंपनियों ने राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में दायर टैरिफ याचिका में सरचार्ज लगाना प्रस्तावित किया है। टैरिफ आदेश जारी होने से पहले ही राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है कि गरीब, जरूरतमंद और कृषि उपभोक्ताओं पर इस रेगुलेटरी एसेट्स का बोझ नहीं पड़ेगा।
यानि सरकार इनका भार उठाएगी। इनमें करीब 1.39 करोड़ उपभोक्ता शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इनमें 300 यूनिट से कम खपत वाले उपभोक्ता शामिल होंगे। इससे बीस लाख कृषि के अलावा 1 करोड़ 19 लाख 62 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मामले में हाल ही आदेश दिया था कि बिजली कंपनियां 1 अप्रैल 2024 से चार साल के भीतर (31 मार्च, 2028) तभी रेगुलेटरी एसेट्स खत्म करें। यानी तय समय में कंपनियों को यह बोझ कम करना होगा।
बिजली कंपनियों की टैरिफ याचिका पर विद्युत विनियामक आयोग को आदेश जारी करना है। संभवतया ऐसा पहली बार है आयोग के आदेश से पहले ही सरकार ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी। हालांकि, आयोग के आदेश के बाद ही बिजली दर बढ़ने या घटने की स्थिति पूरी तरह साफ होगी।
Updated on:
1 Oct 2025, 8:36 AM IST
Published on:
1 Oct 2025, 8:36 AM IST
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