अलवर

दादी के साथ गया था 3 साल का पोता, वापस लौटा शव

क्षेत्र की ग्राम पंचायत बड़ली के ग्राम रायपुर में नरेगा स्थल पर मिट्टी का टीला ढहने से 3 साल के मासूम की दबने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे का पता चलने पर वहां काम कर रहे नरेगा मजदूरों ने बच्चे को निकालकर ततारपुर सीएससी ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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Updated: 20 Mar 2023, 11:29 AM IST
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पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/मुंडावर. क्षेत्र की ग्राम पंचायत बड़ली के ग्राम रायपुर में नरेगा स्थल पर मिट्टी का टीला ढहने से 3 साल के मासूम की दबने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे का पता चलने पर वहां काम कर रहे नरेगा मजदूरों ने बच्चे को निकालकर ततारपुर सीएससी ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम अपनी दादी के साथ मनरेगा कार्यस्थल पर आया हुआ था।

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जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बड़ली के नरेगा मजदूरों की ओर से ग्राम रायपुर में जोहड़ बनाने का कार्य किया जा रहा था। जहां कच्ची मिट्टी होने के कारण ढह गई। जिसके नीचे दबने से मौत बच्चे की मौत हो गई। ततारपुर थाना प्रभारी शेर सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत बड़ली की नरेगा मजदूरों की ओर से गांव रायपुर में नरेगा कार्य कराया जा रहा था। जिसमें नरेगा श्रमिक शंकुतला मेघवाल पोते को लेकर आई थी।

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मनरेगा साइट पर व्यवस्था का अभाव
नरेगा साइट पर श्रमिकों के साथ आए छोटे बच्चों के लिए पालने की व्यवस्था होती है। लेकिन साइट पर पालने की व्यवस्था नहीं होने के कारण मासूम कच्चे रेत के टीले पर चला गया। जहां टीले के ढहने से यह हादसा हो गया। यहां मेट नियमों से अनभिज्ञ था।


ग्राम पंचायत बड़ली में मनरेगा कार्यस्थल पर हादसा होने की सूचना मिली है। हादसे में हताहत हुए मासूम के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
आरती गुप्ता, विकास अधिकारी मुंडावर

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