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अलवर: बाला किला का टूटा रास्ता बना आफत, पुजारियों की नो-एंट्री से भगवान के भोग पर संकट

अलवर के ऐतिहासिक बाला किला (Bala Quila) क्षेत्र में स्थित प्राचीन मंदिरों में इस बार दीपावली (Diwali) का उल्लास फीका पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। क्षतिग्रस्त मार्ग (Damaged Road) के चलते वन विभाग (Forest Department) ने पुजारियों का प्रवेश बंद कर दिया है, जिससे देव प्रतिमाओं की नियमित पूजा और भोग की क्रिया बंद हो गई है।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 2 Nov 2026, 11:44 AM IST

alwar bala quila temple

बाला किला मार्ग क्षतिग्रस्त होने से मंदिरों तक नहीं पहुंच पा रहे पुजारी (फोटो - पत्रिका)

घरों में दीपावली की सफाई और बाजारों में सजावट की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन बाला किला क्षेत्र के मंदिरों में इस बार भी दीपावली की रौनक फीकी रहने की आशंका है। नवरात्र के बाद बाला किला जाने वाला रास्ता फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते वन विभाग ने पुजारियों का प्रवेश भी बंद कर दिया है। हालात यह हैं कि मंदिरों में विराजमान देव प्रतिमाओं की नियमित पूजा-अर्चना और भोग तक नहीं लग पा रहा। दीपावली पर होने वाली विशेष सजावट और अन्नकूट आयोजन पर भी संकट मंडरा रहा है।

बाला किला क्षेत्र में करणी माता मंदिर, चक्रधारी हनुमान मंदिर, तोपवाले हनुमान जी, बावड़ी वाले हनुमान जी, सीताराम जी मंदिर और शिव प्रतापेश्वर मंदिर सहित कई धार्मिक स्थल हैं। रास्ता बंद होने से पुजारी इन मंदिरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करना मुश्किल हो गया है।

दो साल से टूटा रास्ता, नवरात्र में मिली थी राहत

पुजारियों के अनुसार मंदिरों तक जाने वाला रास्ता करीब दो साल से क्षतिग्रस्त है। नवरात्र के दौरान इसे खोल दिया गया था, जिससे वे किसी तरह मंदिरों तक पहुंचकर पूजा-अर्चना कर पा रहे थे। अब फिर रास्ता बंद होने से परेशानी बढ़ गई है। पैदल जाने का वैकल्पिक रास्ता भी काफी लंबा है। इसके अलावा उसके खुलने और बंद होने का कोई निश्चित समय नहीं है।

पुजारियों का आरोप है कि पहले से बना रास्ता विभाग के ठेकेदार की गलती के कारण टूट गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। पुजारियों ने मांग की है कि दीपावली से पहले रास्ता खोलने या मंदिरों तक पहुंचने की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि नियमित पूजा-अर्चना के साथ दीपावली की विशेष पूजा और अन्नकूट की परंपरा भी निभाई जा सके।

हम खा रहे, भगवान को भोग नहीं लग रहा

पुजारियों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि हम तो भोजन कर रहे हैं, लेकिन भगवान बिना भोग के बैठे हैं। मंदिरों में नियमित पूजा और भोग नहीं लग पा रहा। दीपावली पर विशेष पूजा, सजावट और अन्नकूट का आयोजन होता है। रास्ता नहीं खुला तो इन धार्मिक परंपराओं का निर्वहन कैसे होगा।

रास्ते का काम शुरू - पीडब्ल्यूडी 

पीडब्ल्यूडी की एक्सईएन अलका व्यास का कहना है कि रास्ते का काम शुरू कर दिया गया है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण निर्माण कार्य सावधानी से करना पड़ता है, इसलिए इसमें समय लग रहा है।