
अलवर/राजगढ़। बांदीकुई सडक़ मार्ग के मध्य औद्योगिक क्षेत्र के रेलवे फाटक के पास आज सवारियों से भरी राजस्थान पथ परिवहन निगम की बस असंतुलित होकर नाले में पलट गई। जिससे करीब तीस सवारियां घायल हो गई। बस पलटते ही मौके पर मौजूद लोगों ने बस के आगे-पीछे के शीशे तोडकऱ सवारियों को बाहर निकालकर चिकित्सालय पहुंचाया।
परिचालक की हालत गंभीर
परिचालक की हालत गंभीर होने पर उसे राजगढ़ से जयपुर रैफर कर दिया गया है। चालक सांवल राम सैनी ने बताया कि करीब साढे सात बजे रैणी से जयपुर के लिए वो बस लेकर रवाना हुआ। रास्ते में राजगढ़ कस्बे के बांदीकुई मार्ग स्थित औद्योगिक क्षेत्र का रेलवे फाटक बंद मिला। इस पर फाटक के पास ढलान होने पर बस को बंद कर गेयर लगाकर खड़ी कर दी। अचानक बस का गेयर निकल जाने से प्रेशर डाउन होकर बस पीछे खिसकने लगी। यह देखकर उसने बस के पीछे लगी वाहनों की कतार व उसमें बैठे लोगों को बचाने के लिए बस को साइड में लगाना चाहा। लेकिन बस असंतुलित होकर नाले में पलट गई।
लोगों में मची चीख पुकार
बस के पलटते ही बस में सवार लोग चीखने-पुकारने लगे। इस पर मौके पर मौजूद लोगों ने बस के आगे-पीछे के शीशों को तोडकऱ बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर एम्बूलेंस 108 व निजी वाहन की सहायता से घायलों को उपचार के लिए राजगढ़ चिकित्सालय पहुंचाया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। बस पलटने की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायल लोगों से परिजनों के बारे में जानकारी लेकर परिजनों को सूचना दी गई। परिचालक झब्बूराम शर्मा के गंभीर घायल होने पर चिकित्सकों ने राजगढ़ से जयपुर रैफर कर दिया।
ये हुए घायल
परिचालक झब्बूराम शर्मा, राजगढ़ निवासी नरेन्द्र कुमार सैनी, रेणु कोली, बीलेटा के सम्पत खां, अलवर के प्रहलाद मीना, रामसिंहपुरा के गंगासहाय गुर्जर, करौली के खनपुरा निवासी नरेन्द्र सिंह राजपूत, अलवर की सुशीला अग्रवाल, जयपुर के हीरालाल पिगोलिया व उसकी पत्नी सुनीता रैगर, रैणी के प्रहलाद सिंह, अलवर की हसना मीना, राजगढ़ थाने की कांस्टेबल पूजा, धमरेड़ के रामसिंह चौहान, रैणी के यश अग्रवाल व उसकी ***** योगिता, बिनजारी के सहरून खां सहित करीब तीस-पैतीस महिला-पुरूष घायल हो गए। जिनमें से परिचालक झब्बूराम शर्मा की हालत गंभीर होने पर राजगढ़ से अलवर रैफर कर दिया गया है। इसके अलावा हसना मीना, रामसिंह चौहान सहित तीन लोगों को उपचार के लिए भर्ती कराया है। शेष लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।