अलवर

वाह-वाही लूटने के नाम पर राज्य सरकार ने खर्च किए करोड़ों, जिले की कई जनहित की योजना अधूरी

प्रधानमंत्री की जयपुर सभा में प्रदेश भर से सवा दो लाख व अलवर से 13500 लाभार्थी ले जाने का था लक्ष्य

2 min read
Jul 21, 2018
वाह-वाही लूटने के नाम पर राज्य सरकार ने खर्च किए करोड़ों, जिले की कई जनहित की योजना अधूरी

अलवर . प्रधानमंत्री की पिछले दिनों जयपुर में हुई सभा में लाभार्थियों को जुटाना सरकार के लिए महंगा साबित हुआ। लाभार्थियों के बैग व सेस खरीद पर प्रदेश भर में करीब 4 करोड़ 72 लाख 50 हजार की बड़ी राशि व्यय करनी पड़ी, वहीं बसों की व्यवस्था पर भी करीब 7 करोड़ 22 लाख रुपए की राशि वहन करनी। अकेले अलवर जिले में बैग व सेस पर 28 लाख 35 हजार एवं बसों की व्यवस्था पर 31 लाख 15 हजार की मोटी राशि खर्च हुई।
पिछले दिनों जयपुर में प्रधानमंत्री की आयोजित सभा में लाभार्थियों की भीड़ जुटाने में तो सरकार कामयाब रही, लेकिन इसके लिए सरकार को अपनी तिजोरी का मुंह खोलना पड़ गया। सभा में प्रदेश भर से करीब 2 लाख 25 हजार लाभार्थी जुटाने का लक्ष्य दिया गया था। इसके चलते हर जिले को लाभार्थियों के अलग-अलग लक्ष्य दिए गए। अलवर जिले को 13500 लाभार्थी ले जाने का लक्ष्य दिया गया। लाभार्थियों की व्यवस्था तो प्रशासनिक स्तर पर सहज ही पूरी कर ली गई, लेकिन इनको जयपुर ले जाने के लिए बस व लाभार्थियों को दिए जाने वाले बैग व सेस की व्यवस्था सरकार को खुद के खर्च करनी पड़ी। यही कारण है कि सरकार ने लाभार्थियों को ले जाने वाली बसों के लिए 7 करोड़ 22 लाख एवं बैग व सेव के लिए 4 करोड़ 72 लाख 500 हजार का बजट सरकारी खजाने से जारी किया।

कहां से कितने लाभार्थी पहुंचे सभा में

ये भी पढ़ें

नगर विकास न्यास की आवासीय योजना फेल, 3 हजार से अधिक आवासों में दस फिसदी ही पहुंचे

सभा के लिए जिलों को लाभार्थी जुटाने का लक्ष्य अलग-अलग निर्धारित किया गया। इनमें सबसे ज्यादा जयपुर जिले को 18 हजार, अलवर को 13 हजार 500, नागौर को 11 हजार 500, जोधपुर को 9800, उदयपुर को 9300, अजमेर को 9200, सीकर को 9100, भरतपुर व भीलवाड़ा को 8500-8500, कोटा को 7 हजार, चूरू को 6900, बीकानेर को 6700 सहित प्रदेश के सभी 33 जिलों को लक्ष्य दिया गया।

अलवर जिले को मिले 50 लाख से ज्यादा

प्रधानमंत्री की सभा की तैयारियों के लिए अकेले अलवर जिले को 50 लाख रुपए से ज्यादा का बजट आवंटित किया गया। इनमें बसों के लिए 31 लाख 15 हजार तथा बैग व सेस के लिए 28 लाख 35 हजार का बजट शामिल है। इसी प्रकार जयपुर को बैग व सेस के लिए 37 लाख 80 हजार व बसों के लिए 21 लाख 28 हजार, जोधपुर को बैग शामिल है। इसी कारण हर जिले को लाखों रुपए का बजट सरकारी खजाने से जारी किया गया।

अलवर में 10 लाख रुपए अलग से जारी

सभा के बाद जयपुर में सड़क दुर्घटना में अलवर जिले की समूची गांव की एक महिला वैकुण्ठी देवी की मौत हो जाने से सरकार को पीडि़त परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अलग से देनी पड़ी थी।

जिले के कई प्रोजेक्ट राशि को तरस रहे

जिले में विकास के कई प्रोजेक्ट राशि को तरस रहे हैं। इनमें मिनी सचिवालय सहित अलवर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की कई परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं अनेक जरूरतमंद भी इलाज व अन्य सुविधाओं के लिए सरकार की ओर ताक रहे हैं, लेकिन लंबे पत्राचार के बाद भी समस्या बजट पर अटकी है।

ये भी पढ़ें

भयानक सड़क हादसे में पति-पत्नी और पुत्र की मौत, हादसे को देख सहमे लोग
Published on:
21 Jul 2018 09:56 am
Also Read
View All