राजस्थान के अलवर के नौगांवा कस्बे में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट के पास रखी पेट्रोल की बोतल में अचानक ब्लास्ट हो गया। इस विस्फोट की चपेट में आने से एक 22 वर्षीय युवक गंभीर रूप से झुलस गया है।
राजस्थान के अलवर के नौगांवा कस्बे में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट के पास रखी पेट्रोल की बोतल में अचानक ब्लास्ट हो गया। इस विस्फोट की चपेट में आने से एक 22 वर्षीय युवक गंभीर रूप से झुलस गया है। घटना उस समय हुई जब युवक मोबाइल हाथ में लेकर उसे चार्ज कर रहा था और पास ही पेट्रोल से भरी बोतल रखी थी।
नौगांवा निवासी पंकज जाटव (22) पेशे से कपड़े की दुकान चलाता है। पंकज की मां ललिता ने बताया कि पंकज अपनी दादी के साथ रहता है। शनिवार रात करीब 9 बजे वह अपने एक दोस्त के कहने पर बोतल में पेट्रोल भरकर लाया था, जिसे उसे दोस्त को देना था। पंकज ने अनजाने में पेट्रोल की वह बोतल कमरे में लगे बिजली के चार्जिंग पॉइंट के ठीक पास रख दी।
इसके बाद पंकज अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर खाना खाने बैठ गया। वह चार्जिंग के दौरान ही मोबाइल का इस्तेमाल भी कर रहा था। तभी अचानक बिजली के बोर्ड में स्पार्किंग हुई और पास रखी पेट्रोल की बोतल ने आग पकड़ ली, जिससे एक जोरदार धमाका हुआ।
धमाके के साथ लगी आग ने पंकज को अपनी चपेट में ले लिया। परिजनों ने तुरंत उसे अलवर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार पंकज की स्थिति गंभीर है। विस्फोट के कारण उसकी छाती, गर्दन और शरीर का ऊपरी हिस्सा करीब 40 प्रतिशत तक झुलस गया है।
दरअसल पेट्रोल बेहद संवेदनशील और ज्वलनशील पदार्थ है। यह सामान्य तापमान पर भी वाष्पित होकर उड़ता है। यदि बोतल का ढक्कन थोड़ा भी ढीला हो या लीकेज हो, तो पेट्रोल के कण हवा में फैल जाते हैं। मोबाइल चार्जिंग के दौरान बिजली का प्रवाह निरंतर होता रहता है। ऐसे में स्विच बोर्ड या चार्जर से निकलने वाली एक छोटी सी चिंगारी भी हवा में मौजूद पेट्रोल के कणों को तुरंत पकड़ लेती है। यही कारण है कि चार्जिंग पॉइंट के पास पेट्रोल रखना आत्मघाती साबित हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि आमजन को घर के भीतर या बंद कमरों में पेट्रोल जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों को कभी भी खुला या असुरक्षित तरीके से नहीं रखना चाहिए। विशेषकर बिजली के उपकरणों और मोबाइल चार्जर से इन्हें दूर रखना अनिवार्य है, क्योंकि बिजली का छोटा सा स्पार्क भी बड़े विस्फोट का कारण बन सकता है।