
अलवर. भ्रष्टाचार पर एसीबी लगातार प्रहार कर रही है। एसीबी पिछले डेढ़ साल में अलवर जिले के कई भ्रष्ट अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में कामयाब रही है। धड़ाधड़ कार्रवाई के बाद आज भ्रष्टाचारियों में एसीबी का डर जरुर है, लेकिन मौका मिलते ही वे भ्रष्टाचार करने से भी नहीं चूक रहे हैं। जिसके कारण भ्रष्टाचार की अमरबेल तेजी से फैल रही है।
आरटीओ और यूआईटी में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें
अलवर जिले में आरटीओ और यूआईटी में जबरदस्त भ्रष्टाचार फैला हुआ है। यहां कोई काम बिना रिश्वत और दलालों के नहीं होता है। पिछले कुछ समय से आरटीओ और यूआईटी भी एसीबी के रडार पर है। एसीबी ने 29 सितम्बर 2021 को अलवर आरटीओ के सूचना सहायक तरुणेश कुमार, आरटीओ के गार्ड हरीशचंद और दलाल बनवारी व श्यामलाल गुप्ता को लाखों रुपए का भ्रष्टाचार करते हुए दबोचा था। 10 अप्रेल 2022 को एसीबी ने अलवर में परिवहन विभाग की शाहजहांपुर चैकपोस्ट पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। यहां से ट्रकों से अवैध वसूली करते हुए आरटीओ इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह भाटी सहित 11 जनों को गिरफ्तार कर करीब 12 लाख रुपए रिश्वत राशि बरामद की थी। वहीं, 20 फरवरी 2022 को यूआईटी अलवर के कनिष्ठ लिपिक मुकेश चौधरी, संविदाकर्मी नरेन्द्र कुमार व कमलेश सैनी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते दबोचा गया। 22 अप्रेल 2022 को एसीबी ने अलवर यूआईटी में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए कनिष्ठ अभियंता अमीचंद वर्मा और दलाल अशोक बैरवा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
आरटीओ और यूआईटी में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें
अलवर जिले में आरटीओ और यूआईटी में जबरदस्त भ्रष्टाचार फैला हुआ है। यहां कोई काम बिना रिश्वत और दलालों के नहीं होता है। पिछले कुछ समय से आरटीओ और यूआईटी भी एसीबी के रडार पर है। एसीबी ने 29 सितम्बर 2021 को अलवर आरटीओ के सूचना सहायक तरुणेश कुमार, आरटीओ के गार्ड हरीशचंद और दलाल बनवारी व श्यामलाल गुप्ता को लाखों रुपए का भ्रष्टाचार करते हुए दबोचा था। 10 अप्रेल 2022 को एसीबी ने अलवर में परिवहन विभाग की शाहजहांपुर चैकपोस्ट पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। यहां से ट्रकों से अवैध वसूली करते हुए आरटीओ इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह भाटी सहित 11 जनों को गिरफ्तार कर करीब 12 लाख रुपए रिश्वत राशि बरामद की थी। वहीं, 20 फरवरी 2022 को यूआईटी अलवर के कनिष्ठ लिपिक मुकेश चौधरी, संविदाकर्मी नरेन्द्र कुमार व कमलेश सैनी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते दबोचा गया। 22 अप्रेल 2022 को एसीबी ने अलवर यूआईटी में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए कनिष्ठ अभियंता अमीचंद वर्मा और दलाल अशोक बैरवा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।