
representative picture (patrika)
Mousam Update: राजस्थान के कई जिलों की तरह अलवर में भी पिछले कुछ दिनों से लोग धूप और उमस से बेहाल थे। लेकिन सोमवार को मौसम ने करवट ली और मानसून फिर से मेहरबान हो गया। अलवर में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक झमाझम तो नहीं, लेकिन राहत देने वाली बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया।
जिलेवासियों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। सुबह से ही आसमान में काले बादल डेरा डाले हुए हैं और रिमझिम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। इस कारण से तापमान में काफी गिरावट आई है। लोगों को पंखों और कूलर-एसी से निजात मिली है।
अलवर वासियों के लिए राहत की बात यह है कि यह बारिश सिर्फ एक दिन के लिए नहीं आई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अलवर जिले में मानसून की गतिविधियां अगले तीन दिनों तक इसी तरह बनी रहने की संभावना है। विभाग ने इसे देखते हुए जिले में 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इसका मतलब है कि अगले 72 घंटों के दौरान जिले में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में तापमान और गिरने की उम्मीद है।
बारिश ने शहर की सड़कों का नजारा भी बदल दिया। लोग दफ्तर या काम पर जाने के लिए छातों और रेनकोट का सहारा लेते नजर आए। कई जगहों पर हल्की बारिश के बावजूद सड़कों पर पानी भर गया, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन गर्मी से मिली राहत के आगे यह परेशानी नगण्य थी। बच्चे भी इस सुहाने मौसम में मस्ती करते हुए नजर आए।
इस बारिश का सबसे बड़ा फायदा किसानों को हुआ है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश खरीफ सीजन की फसलों (जैसे बाजरा, मूंग, उड़द, तिल) के लिए किसी 'संजीवनी' से कम नहीं है। बुवाई के बाद बारिश की कमी के कारण खेतों में नमी कम हो रही थी और कई जगहों पर फसलें सूखने के कगार पर थीं। लेकिन अब खेतों को पर्याप्त नमी मिल गई है, जिससे पौधों को नया जीवन मिला है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक रुक-रुककर ऐसी ही बारिश होती रही, तो फसलों की पैदावार बहुत अच्छी होगी। इस बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है।
Updated on:
21 Jul 2026 11:53 am
Published on:
21 Jul 2026 11:41 am
