सरिस्का टाइगर रिजर्व की सौ बीघा जमीन का आवंटन करना पूर्व तहसीलदार समेत भू-अभिलेख निरीक्षक व पटवारी को भारी पड़ गया। जांच में दोषी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने तीनों को
सरिस्का टाइगर रिजर्व की सौ बीघा जमीन का आवंटन करना पूर्व तहसीलदार समेत भू-अभिलेख निरीक्षक व पटवारी को भारी पड़ गया। जांच में दोषी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने तीनों को चार्जशीट जारी करने की संस्तुति राजस्व मंडल अजमेर से की है। उसके बाद निलंबन से लेकर अन्य कार्रवाई होगी। इस गंभीर मामले में इन तीनों आरोपियों की नौकरी भी जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि 10 मार्च 2022 को उमरैण पंचायत समिति के सभागार में 8 लोगों के बीच ढहलावास के एक दर्जन से अधिक लोगों को जमीन आवंटित की गई थी। जिसमें राजेंद्र, रतीराम, विजय कुमार, हरदयाल, रामलाल, चेतराम, प्रभाती आदि को जमीन मिली। जमीन की किस्म गैर मुमकिन पहाड़ थी। इसी तरह अलवर तहसील के रोगड़ा निवासी हरज्ञानी, प्रकाश, लेखराम, रामशरण, सीराबास निवासी बाबूलाल, रामनगर के शीशराम आदि को भी जमीन आवंटित की गई थी।
ढहलाबास के उदयभान शर्मा ने आरोप लगाया था कि उस दौरान तैनात एसडीएम प्यारेलाल सोठवाल, तहसीलदार कमल पचौरी, गिरदावर हल्का अरविंद दीक्षित, पटवारी ढहलावास जितेंद्र कुमार छावल आदि आवंटन प्रक्रिया में शामिल थे। मामले की शिकायत के बाद जांच पूर्व एडीएम द्वितीय परसराम मीणा ने की थी, जिसमें एसडीएम को छोड़कर तीनों को दोषी पाया था। तीनों को पता होने के बाद भी सरिस्का की जमीन का आवंटन कराया। पूर्व एसडीएम अलवर को जांच में बचाने का मामला लोकायुक्त में चल रहा है।
दो साल तक मामला दबा रहा। जांच रिपोर्ट भी आ गई, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले को राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया तो प्रशासन के अफसरों ने गंभीरता से लिया। एसडीएम अलवर यशार्थ शेखर ने तीनों आरोपियों की चार्जशीट तैयार कर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला को दी। 16 व 18 सीसीए की यह चार्जशीट राजस्व मंडल भेज दी गई हैं।
वहीं, सरपंच कमलेश गुर्जर को भी जांच में आरोपी पाया है। कहा है कि उन्होंने अपने परिजनों को जमीन आवंटित कराई। अब इनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। साथ ही जमीन का आवंटन भी निरस्त होगा। हालांकि सरपंच ने अपने को निर्दोष बताया है।
ढहलावास में जमीन आवंटन मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर पूर्व तहसीलदार, गिरदावर व पटवारी को दोषी माना है। तीनों को चार्जशीट जारी करने की संस्तुति राजस्व मंडल से की गई है। - आर्तिका शुक्ला, जिला कलक्टर अलवर
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