
गोलाकाबास में अजबगढ़ वन रेंज (Ajabgarh Forest Range) के सद्दाराम का गुवाड़ा गांव में शुक्रवार को उस समय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जब शंकर लाल के पशुओं के बाड़े में करीब 16 फीट लंबा अजगर (Python) दिखाई दिया। अजगर को देखकर परिवार के लोग घबरा गए और इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही अजबगढ़ रेंज कार्यालय से रेस्क्यू टीम (Rescue Team) को मौके के लिए रवाना किया गया।
बताया गया कि दोपहर करीब 12 बजे के बाद शंकर लाल के परिजनों को पशुओं के बाड़े में अचानक अजगर नजर आया। अजगर काफी लंबा होने के कारण परिवार के लोग उसे देखकर डर गए। इसके बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना देकर अजगर को सुरक्षित बाहर निकालने की मांग की।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम यादराम गुर्जर के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। टीम ने स्थिति का जायजा लेने के बाद अजगर को पकड़ने का अभियान शुरू किया। अजगर को रेस्क्यू (Python Rescue) करने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी प्रयास के बाद टीम ने करीब 16 फीट लंबे अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया।
अजबगढ़ वन रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी (Forest Officer) चंद्र प्रकाश मीना ने बताया कि सद्दाराम का गुवाड़ा में शंकर लाल के पशुओं के बाड़े में अजगर आने की सूचना मिली थी। इसके बाद रेंज कार्यालय से टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने ग्रामीणों की मौजूदगी में अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद अजगर को अजबगढ़ जंगल (Ajabgarh Forest) क्षेत्र में ले जाया गया। वन विभाग की टीम ने उसे जंगल में स्थित वाटर पोंड (Water Pond) के पास सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। अजगर के जंगल में छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू अभियान के दौरान वन विभाग की टीम के साथ ग्रामीण भी मौजूद रहे। रेस्क्यू टीम में यादराम गुर्जर, भवानी शंकर सैनी और राकेश कुमार शामिल रहे। टीम ने अजगर को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा।
ग्रामीणों का कहना था कि आबादी क्षेत्र में इतने बड़े अजगर के दिखाई देने से लोग काफी डर गए थे। वन विभाग की टीम के समय पर पहुंचने और अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़ने के बाद स्थिति सामान्य हुई। विभाग ने भी ऐसे मामलों में लोगों से खुद अजगर को पकड़ने के बजाय वन विभाग को सूचना देने की अपील की।