
अलवर के केसरपुर गांव के रहने वाले अग्निवीर समुद्र सिंह की तलाश अरुणाचल प्रदेश में लगातार जारी है। दिबांग जिले में 14 अगस्त को बादल फटने और भूस्खलन के बाद समुद्र सिंह समेत सेना के पांच जवान लापता हो गए थे। घटना के बाद से सेना की टीमें सभी जवानों को खोजने में जुटी हैं, लेकिन अभी तक किसी का पता नहीं चल पाया है।
समुद्र सिंह के भाई प्रहलाद भी सेना में जवान हैं और प्रयागराज में तैनात हैं। हादसे की जानकारी मिलने के बाद वह अरुणाचल प्रदेश पहुंच गए। प्रहलाद ने बताया कि सेना पूरी ताकत के साथ पांचों जवानों की तलाश कर रही है। उन्होंने खुद भी घटनास्थल पर जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें वहां जाने की इजाजत नहीं मिली।
प्रहलाद के मुताबिक, हादसे वाली जगह पर हालात बेहद मुश्किल हैं। लगातार बारिश के कारण रेस्क्यू टीमों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्ता खराब होने के कारण जेसीबी जैसी भारी मशीनें भी घटनास्थल तक नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसे में सेना के जवान दूसरे उपलब्ध साधनों और तकनीकों की मदद से लापता जवानों की तलाश कर रहे हैं।
प्रहलाद ने बताया कि जिस स्थान पर समुद्र सिंह की पोस्टिंग थी, वहां कुल नौ जवान मौजूद थे। इनमें से दो जवान भोजन लेने के लिए मैस में गए थे, जबकि सात जवान शेल्टर में मौजूद थे। हादसे के बाद दो जवानों को बचा लिया गया, जबकि समुद्र सिंह समेत पांच जवान लापता हो गए। बचे हुए जवानों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने या सुरक्षित जगह जाने का मौका तक नहीं मिला। महज कुछ सेकंड में सब कुछ बदल गया। जवान उस समय शेल्टर में थे और अचानक आई आपदा की चपेट में आ गए।
समुद्र सिंह का परिवार सेना से जुड़ा रहा है। उनके दादा पलटूराम सेना में हवलदार थे। समुद्र ने भी दादा से प्रेरणा लेकर सेना में जाने का फैसला किया था। परिवार के कई अन्य सदस्य भी सेना से जुड़े हुए हैं। समुद्र के लापता होने के बाद से परिवार गहरे सदमे में है और लगातार उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है। फिलहाल सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अलवर में परिवार और गांव के लोग समुद्र सिंह समेत सभी लापता जवानों के जल्द सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।