
राजस्थान के अलवर जिले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। उद्योग नगर थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) ने एक साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए बीते 17 जून की रात शहर के राठी मार्केट में हुई एटीएम डकैती का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को दबोचा है। पकड़े गए बदमाशों के पास से वारदात में इस्तेमाल और चोरी की गई गाड़ियां भी बरामद की गई हैं।
मामले की जानकारी देते हुए एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक हम्बीर सिंह (42) डीग जिले के गारौली गांव का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी कमलेश (36) अलवर के टहला क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के समय कमलेश सीधे तौर पर मौके पर मौजूद नहीं था।
लेकिन वह लगातार बैकएंड से बदमाशों की मदद और रेकी कर रहा था। इस पूरी वारदात में कुल 4 से 5 बदमाश शामिल थे, जिन्होंने राठी मार्केट स्थित एटीएम का नोट रखने वाला हिस्सा बेरहमी से काट दिया और उसमें मौजूद 4 लाख 92 हजार 500 रुपये की भारी नकदी लेकर फरार हो गए थे।
पुलिस पूछताछ में इस गिरोह के काम करने के अनोखे और शातिराना तरीके का खुलासा हुआ है। एडिशनल एसपी दीपक कुमार ने बताया कि यह गिरोह किसी भी शहर में वारदात करने से पहले वहां के स्थानीय अपराधियों से संपर्क करता था। स्थानीय बदमाशों से संभावित जगहों की पूरी रेकी कराई जाती थी।
हालांकि, पुलिस को चकमा देने और पकड़े जाने के डर से ये लोग वारदात के समय उन स्थानीय गुर्गों को अपने साथ शामिल नहीं करते थे। गिरोह के सदस्य एक तेज रफ्तार कार की मदद से एटीएम मशीन को चेन से बांधकर खींचते थे और पलक झपकते ही पूरी मशीन उखाड़कर गाड़ी में लादकर गायब हो जाते थे।
पकड़े गए आरोपी बेहद आदतन और पेशेवर अपराधी हैं। मुख्य आरोपी हम्बीर सिंह के खिलाफ बड़ौदामेव, डीग, नदबई और दौसा सहित विभिन्न थानों में चोरी और लूट के 14 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, कमलेश के खिलाफ भी टहला और बसवा थाने में 7 आपराधिक मामले चल रहे हैं।
आरोपियों ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के फरीदाबाद से तीन ट्रैक्टर चोरी करने के साथ ही आगरा, पलवल और हिसार में भी एटीएम तोड़ने की बड़ी वारदातों को कबूल किया है। इस पूरे मामले को सुलझाने में डीएसटी के एएसआई कासम खान और जान मोहम्मद की मुख्य भूमिका रही। फिलहाल पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है।