
अलवर. शहर में पिछले करीब एक साल में 40 करोड़ रुपए की सड़कें बनने के बाद भी प्रमुख चार रोड चलने लायक नहीं हैं। ईटाराणा से रेलवे स्टेशन, काली मोरी से एसएमडी सर्किल, नंगली सर्किल से अम्बेडकर सर्किल और एरोड्रम रोड जैसे मुख्य सड़क मार्ग भी बदहाल हैं। यहां से मोटरसाइकिल व चौपहिया वाहनों को निकलना मुश्किल है। बारिश में पैदल तो निकल ही नहीं सकते, जिसके कारण इन दिनों शहर के मुख्य मार्गों से आना-जाना आमजन को भारी पड़ रहा है। अच्छा खासा व्यक्ति भी चोटिल हो सकता है।
बाइक पर अचानक कब गड्ढ़ा आ जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। वैसे तो अब पूरे शहर में सड़कों का यही हाल है। जिसके कारण लोग पहले ही यह मानकर चल रहे हैं कि कहीं भी गड्ढ़ा हो सकता है।
यूआईटी, पीडब्ल्यूडी ने बनवाई बड़ी सड़कें
शहर में एनसीआर के बजट से बड़ी सड़क बनवाने पर करीब 25 से 30 करोड़ रुपए की सड़कें बनी है। अभी कुछ सड़कों का कार्य अधूरा पड़ा है। यूआईटी ने शहर में करीब 5 से 7 करोड़ रुपए में सड़कों के पेचवर्क ही लगाए हैं, जिनका कोई अतापता नहीं है।
कुछ तो ऐसी भी सड़क हैं जहां पहले पेचवर्क लगाया। उसके बाद दूसरे बजट में उसे नया बनाया गया है। नगर परिषद ने भी गली मोहल्ले में छोटी बड़ी सड़कें बनवाई हैं। लेकिन पानी व सीवर की लाइन डालने के कारण ज्यादातर बदहाल हो चुकी है। मोटा पैसा खर्च करने के बावजूद भी जनता को कोई राहत नहीं मिली है।