
अलवर में नवंबर की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। रविवार को अलवर और भिवाड़ी दोनों शहरों में प्रदूषण का स्तर 300 के पार पहुंच गया। अलवर का एक्यूआई (Air Quality Index) 330 दर्ज किया गया, जबकि भिवाड़ी में यह 307 रहा। एक्यूआई का इतना बढ़ना हवा की खराब स्थिति को दिखाता है। प्रदूषण का असर सुबह से ही दिखाई देने लगा था। शहर में चारों तरफ धुंध छाई रही और दूर की चीजें साफ नजर नहीं आ रही थीं।
सुबह के समय हालात ऐसे थे कि शहर से बाला किला (Bala Quila) तक दिखाई नहीं दे रहा था। धुंध और प्रदूषण के कारण दृश्यता भी प्रभावित हुई। दिन चढ़ने के साथ हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार हुआ और एक्यूआई में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह राहत ज्यादा देर नहीं रही। शाम होते ही प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ने लगा। लगातार बिगड़ती हवा ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
खासकर सांस संबंधी बीमारियों से परेशान लोगों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए प्रदूषण का बढ़ता स्तर चिंता का विषय है। खराब हवा के कारण सांस लेने में परेशानी, खांसी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सुबह और शाम के समय खुले में ज्यादा देर तक रहने से बचना चाहिए।
नवंबर की शुरुआत के साथ ही अलवर में मौसम (Weather) में भी बदलाव महसूस होने लगा है। सुबह और शाम को सर्दी का असर बढ़ रहा है, जबकि दोपहर में धूप निकलने से लोगों को राहत मिल रही है। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान (Maximum Temperature) 28.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature) 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सुबह जल्दी घर से निकलने वाले लोगों को अब हल्की सर्दी महसूस होने लगी है। वहीं, दिन में धूप निकलने से तापमान सामान्य बना हुआ है। मौसम में इस बदलाव के साथ ही प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती दिखाई दे रही है।
मौसम विभाग (Weather Department) के अनुसार आगामी दिनों में अलवर में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। अधिकतम और न्यूनतम तापमान लगभग इसी स्तर के आसपास बना रह सकता है। ऐसे में सुबह-शाम सर्दी का असर बढ़ने के साथ लोगों को प्रदूषण से भी राहत मिलने का इंतजार रहेगा।