
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अलवर के भूगोर तिराहे का नाम कप्तान छुट्टन लाल मीणा के नाम पर रखने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलवर दौरे के कार्यक्रम के दौरान मंच से की। वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान ही भूगोर तिराहे का नाम कप्तान छुट्टन लाल मीणा के नाम पर रखने का प्रस्ताव उनके सामने रखा था, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए नामकरण की घोषणा कर दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 17 जिलों को दी गई विकास कार्यों की सौगात का मकसद राजस्थान के हर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और विकास की रफ्तार को तेज करना है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के साथ किसानों और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर भी काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सहकारी डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और दूध की खरीद बढ़ाने के लिए श्वेत क्रांति 2.0 को महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों और मातृशक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। अलवर में सरस डेयरी के नए प्लांट का शिलान्यास भी इसी दिशा में एक अहम कदम है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग दुग्ध संघों के डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट और कैटल फीड प्लांट का लोकार्पण भी किया गया है। सरकार का लक्ष्य डेयरी क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने का है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में किसानों के लिए भी कई घोषणाओं और योजनाओं का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की छठी किस्त के रूप में प्रदेश के किसानों के खातों में 667 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 152 करोड़ रुपए की राशि भी किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 10 हजार 548 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ रोजगार और जनकल्याण को भी प्राथमिकता दे रही है। अलवर में भूगोर तिराहे का नामकरण भी स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा के रूप में देखा जा रहा है।