अलवर

जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने हॉस्पिटल का किया औचक निरीक्षण

अलवर जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने सोमवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वार्डों में आवारा कुत्ते और गंदगी देख उनका पारा चढ़ गया। मरीजों की शिकायत पर कलेक्टर ने पीएमओ को जमकर फटकार लगाई और नगर निगम कमिश्नर को शाम तक अस्पताल से कुत्ते पकड़ने के सख्त निर्देश दिए।
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May 11, 2026
alwar
जिला कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण

सोमवार की सुबह अलवर के सामान्य चिकित्सालय, महिला एवं शिशु अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला अचानक निरीक्षण करने पहुँच गईं। कलेक्टर ने जैसे ही मेल मेडिकल वार्ड में कदम रखा, वहां भर्ती मरीजों के परिजनों का सब्र टूट गया और उन्होंने शिकायतों की झड़ी लगा दी।

मरीजों ने की कलेक्टर से शिकायत

परिजनों ने कलेक्टर को बताया कि वार्डों में आवारा कुत्ते खुलेआम घूमते रहते हैं, जिससे मरीजों में डर बना रहता है। इतना ही नहीं, उन्होंने अस्पताल परिसर में शराबियों की आवाजाही और बाथरूम में फैली भयंकर गंदगी की भी शिकायत की। मरीजों की बातें सुनकर कलेक्टर नाराज हो गईं और उन्होंने साथ चल रहे पीएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा को मौके पर ही जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अस्पताल जैसी जगह पर इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


एसी खराब मिलने पर दिया अल्टीमेटम

भीषण गर्मी और के प्रबंधन को परखने के लिए कलेक्टर वार्डों में गईं और खुद मरीजों से पूछा कि एसी चल रहे हैं या नहीं?। निरीक्षण के दौरान कुछ वार्डों में एसी बंद और खराब मिले, जिस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि अगले 24 घंटे के भीतर सभी एसी ठीक हो जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को गर्मी से राहत दिलाना प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की कोताही होने पर कार्रवाई की जाएगी।

सफाई का लिया जायजा

अस्पताल में कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए डॉ. आर्तिका शुक्ला ने नगर निगम कमिश्नर सोहन सिंह नरूका को तुरंत अस्पताल बुलाया। उन्होंने कमिश्नर को आदेश दिया कि शाम तक अस्पताल परिसर से सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर बाहर किया जाए। अस्पताल के बाद कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज और शहर के विभिन्न इलाकों में हो रही नालों की सफाई का भी जायजा लिया।

मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो

उन्होंने पीएमओ को निर्देश दिए कि सिविल वर्क्स और पेयजल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कलेक्टर के इस सख्त रुख के बाद अस्पताल प्रशासन और नगर निगम अमला तुरंत हरकत में आता दिखाई दिया।

Updated on:
11 May 2026 02:37 pm
Published on:
11 May 2026 02:37 pm