
आरोपी हर्ष व प्रदर्शन करते लोग। फोटो: पत्रिका
बड़ौदामेव/अलवर। बड़ौदामेव में पुलिस थाने के समीप लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के बड़ा बास गांव निवासी सकून (40) पुत्र नसरू की एक युवक ने सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद बवाल मच गया। एक करोड़ रुपए मुआवजा, मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी देने, थाने के स्टाफ को निलंबित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर लोगों ने बड़ौदामेव थाने के बाहर दिनभर धरना-प्रदर्शन किया। अलवर-भरतपुर सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर चार थानों की मद के साथ पुलिस व क्यूआरटी के जवान बुलाने पड़े।
इसके बाद गुस्साए लोग अलवर पहुंच गए और सामान्य अस्पताल के गेट पर करीब 6 घंटे तक धरना किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक हर्ष (21) को हिरासत में ले लिया गया है। मृतक सकून अपने चाचा नूर मोहम्मद बड़ौदामेव आया था। चाचा बैंक के काम से बाइक से उतर गए व सकून अकेला बाजार जा रहा था। सकून के तीन बच्चे है। वह खेती-बाड़ी करता था। लक्ष्मणगढ़ सीओ नागेंद्र कुमार ने बताया कि जांच के लिए एसआइटी गठित की है। गोविंदगढ़ सीआइ धीरेन्द्र सिंह को जांच सौंपी गई है। पुलिस पर लगे आरोपों की जांच एडिशनल एसपी प्रियंका रघुवंशी करेंगी। कलक्टर के आदेश पर देर रात शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
आरोपी हर्ष बड़ौदामेव का ही निवासी है, लेकिन किसी अन्य स्थान पर काम करता है। उसकी मानसिक स्थिति खराब बताई जा रही है। वह कुछ दिन पहले ही बड़ौदामेव आया था। उसका अपने पिता से भी झगड़ा हो गया था। उसके पिता के चोटें आई थी। घटना के बाद पुलिस युवक को थाने लेकर आई थी। बाद में उसे छोड़ दिया। जबकि उसका पिता कहीं बाहर चला गया। उसके पिता के जयपुर में होने की बातें सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, थाने में पुलिस वालों से आरोपी ने जाते-जाते यह कह रहा था कि मुझे छोड़ क्यों रहे हो? अभी मैं बाहर जाकर मर्डर करता हूं, उसके बाद तो मुझे जेल में बंद करोगे। इसके बाद बाहर आकर उसने सकून पर पत्थर से हमला कर दिया।
इस घटना के विरोध में भीम आर्मी के कार्यकर्ता संजय प्रधान और अनिल जोनवाल व एक अन्य शाम करीब 4 बजे वन राज्यमंत्री संजय शर्मा के घर के सामने पानी की टंकी पर चढ़ गए। करीब एक घंटे की समझाइश के बाद वे नीचे उतरे। सर्व एकता समिति के प्रदेश अध्यक्ष शब्बीर खान ने जांच के लिए एसआइटी गठित करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस ने समझाइश कर जाम खुलवाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग थाने के गेट पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान रामगढ़ की पूर्व विधायक सफिया जुबेर खान भी मौके पर पहुंचीं और घटनाक्रम की जानकारी ली। दोपहर करीब 2 बजे परिजन, ग्रामीण और कांग्रेस के नेता अलवर में सामान्य अस्पताल के गेट पर धरने पर बैठ गए।
आरोपी को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मानसिक रूप से कमजोर है। उसकी मेडिकल जांच के बाद उसके मानसिक हालत का पता चलेगा। आरोपी बड़ौदामेव का ही रहने वाला है, लेकिन कई सालों से यहां रह नहीं रहा था। कुछ दिन पहले ही वापस आया था। उसका अपने पिता से भी झगड़ा हुआ था। आरोपी के थाने से निकलकर जाने की बात गलत है।
-प्रियंका रघुवंशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण)।
यह सीधे तौर पर मर्डर और मॉब लिंचिंग का मामला है। थाने के बाहर इस तरह की घटना हुई, कैमरे लगे थे, फिर भी पुलिस को पता नहीं चला। हत्या की धाराओं में केस दर्ज हो गया है। एडिशनल एसपी प्रियंका ने एसआइटी गठित कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। उसके आधार पर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मृतक के परिवार को मुआवजा सहित जो भी मदद मिलेगी, वह सरकार से दिलवाई जाएगी।
-सफिया जुबेर, पूर्व विधायक व राष्ट्रीय महासचिव महिला कांग्रेस
Updated on:
25 Sept 2026 08:08 am
Published on:
25 Sept 2026 08:07 am
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