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FD फ्रॉड: श्रीराम फाइनेंस के एरिया मैनेजर समेत 8 पर केस, 8.94 लाख का फर्जीवाड़ा

अलवर में श्रीराम फाइनेंस एंड इन्श्योरन्स कंपनी लिमिटेड और श्रीराम लाइफ इन्श्योरन्स के नाम पर एफडी के लिए जमा 8.94 लाख रुपए की राशि में कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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alwar fd fraud

कोतवाली थाना (फाइल फोटो)

श्रीराम फाइनेंस एंड इन्श्योरन्स कंपनी लिमिटेड व श्रीराम लाइफ इन्श्योरन्स के नाम पर एफडी के लिए जमा कराई गई 8.94 लाख रुपए की राशि में कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने 22 सितंबर को 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। प्रकरण में धोखाधड़ी, कूटरचना, अमानत में खयानत और आपराधिक षड्यंत्र सहित भारतीय दंड संहिता की धाराएं लगाई गई हैं।

परिवादी के अनुसार, उसने कंपनी के माध्यम से दो एफडी कराई थीं। पहली एफडी के लिए 1.44 लाख रुपए नकद आरोपी नीरज कुमार शर्मा को दिए गए। आरोप है कि कंपनी के अभिलेखों में एक चेक का हवाला देकर एफडी को बाउंस दिखाते हुए निरस्त कर दिया गया, जबकि परिवादी का दावा है कि संबंधित चेक उसका नहीं था। दूसरी एफडी के लिए 7.50 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से आरोपी के निजी बैंक खाते में जमा कराए गए। आरोप है कि कंपनी के रिकॉर्ड में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक चेक का प्रयोग दिखाया गया। परिवादी का आरोप है कि उसे कूटरचित एफडी बॉन्ड दिए गए और नवीनीकरण का आश्वासन देकर लंबे समय तक टालते रहे।

कंपनी से संपर्क करने पर सामने आया मामला

परिवादी के अनुसार, मई 2026 में उसने कंपनी के टोल फ्री नंबर और ई-मेल के माध्यम से जानकारी लेने का प्रयास किया। इसके बाद 18 जून को इंदौर से शिशिर जैन और जयपुर से संदीप अगर अलवर आए तथा दस्तावेज लेकर ब्याज सहित राशि लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। कंपनी के तत्कालीन एरिया मैनेजर नीरज कुमार शर्मा, उनकी पत्नी मीना शर्मा, एजेंट शिवानी शर्मा, कंपनी के एमडी मनोज जैन (चेन्नई), प्राधिकृत अधिकारी शिशिर जैन (इंदौर), जनरल मैनेजर संदीप अगर (जयपुर), राजीव गर्ग और अतुल शर्मा (जयपुर) के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

एक अन्य एफडी में भी फर्जीवाड़े का आरोप

परिवादी की ओर से एक अन्य मामले का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि कैलाश चंद शर्मा की अगस्त 2022 में कराई गई 10 लाख रुपए की पांच वर्षीय एफडी को वर्ष 2024 में प्रीमैच्योर दिखाकर 10.44 लाख रुपए खाते में भेज दिए गए, जबकि एफडी 2027 तक थी। आरोप है कि प्री-मैच्योर करते समय मोबाइल नंबर करनाल निवासी व्यक्ति का दर्ज किया गया। इसके अलावा बीमा नवीनीकरण के लिए दिए गए 96,233 रुपए नकद शाखा प्रबंधक द्वारा हड़पने और भुगतान हरिओम तिवारी के चेक से दिखाने का भी आरोप है।

पहले भी 33 लाख की ठगी का मामला दर्ज

आरोपी नीरज शर्मा, पत्नी मीना शर्मा और एमडी मनोज जैन पर पहले भी वैशाली नगर थाने में 33 लाख हड़पने का केस दर्ज है। मामले में सूर्य नगर निवासी हरिओम और घनश्याम तिवारी की शिकायत में बीमा, एफडी और शादी का झांसा देकर 10-12 चेक रखने का आरोप लगाया गया है।