अलवर

अलवर में धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा: VHP कार्यकर्ताओं ने पादरी को पकड़ा, पुलिस जांच में जुटी 

अलवर के अखेपुरा थाना क्षेत्र में कथित धर्मांतरण को लेकर गुरुवार को हंगामा हो गया। तंवर कॉलोनी के एक घर में चल रही प्रार्थना सभा के दौरान विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ता पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली से आए एक पादरी पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

2 min read
Jun 04, 2026
alwar conversion case
घटनास्थल पर पुलिस टीम (फोटो - पत्रिका)

अलवर शहर की तंवर कॉलोनी में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराए जाने की सूचना पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने एक घर में दबिश दी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वहां काफी समय से लोगों को गुमराह कर उनका धर्मांतरण कराया जा रहा था। इस दौरान मौके पर जमकर हंगामा हुआ और भीड़ ने पादरी के साथ धक्का-मुक्की कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

प्रार्थना सभा के दौरान पहुंचे कार्यकर्ता

विहिप के प्रांत संरक्षक प्रेम सिंह राजावत के अनुसार संगठन को पिछले काफी समय से तंवर कॉलोनी में संदिग्ध धार्मिक गतिविधियां चलने की इनपुट मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर जब कार्यकर्ता दोपहर करीब 1 बजे वहां पहुंचे, तो एक घर के भीतर ईसा मसीह की प्रार्थना चल रही थी। कार्यकर्ताओं को देखते ही वहां मौजूद करीब 15 लोग तुरंत मौके से फरार हो गए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहां मौजूद पादरी को पकड़ लिया। मौके पर मौजूद भीड़ के गुस्से के कारण पादरी के कपड़े भी फट गए।

आरोपी को पुलिस ने पकड़ा (फोटो - पत्रिका) 


मोबाइल में मिले वीडियो

प्रार्थना सभा में शामिल होने आए एक युवक के अनुसार वह यहां दूसरी बार आया था। सभा में दावा किया जा रहा था कि ईसा मसीह की प्रार्थना करने से सभी बीमारियां ठीक हो जाती हैं। इसके साथ ही लोगों को हिंदू देवी-देवताओं से दूरी बनाने की बात भी कही जा रही थी। कार्यकर्ताओं ने जब पादरी की तलाशी ली, तो उसके पास से धार्मिक साहित्य और प्रार्थना की पुस्तकें बरामद हुईं।

यही नहीं, उसके मोबाइल फोन की जांच करने पर धार्मिक गतिविधियों और प्रचार-प्रसार से जुड़े कई वीडियो और अन्य सामग्रियां भी मिली हैं। पकड़े गए पादरी की पहचान दिल्ली निवासी राजकुमार के रूप में हुई है, जिसकी दिल्ली में कपड़ों की दुकान है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पिछले 4-5 सालों से लगातार अलवर आ-जा रहा है और यहां लोगों को इकट्ठा कर पाठ कराता है।


थाने के बाहर प्रदर्शन

हंगामे की खबर मिलते ही अखेपुरा थाना प्रभारी महेश पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। जब पुलिस पादरी को गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगी, तो विहिप कार्यकर्ता अड़ गए। उनकी मांग थी कि आरोपी पादरी को पैदल ही थाने ले जाया जाए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ी के आगे खड़े होकर प्रदर्शन भी किया, लेकिन बाद में पुलिस की समझाइश पर मामला शांत हुआ। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
04 Jun 2026 04:43 pm
Published on:
04 Jun 2026 04:38 pm