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अलवर में बढ़ रहा कोरोना, लेकिन अब सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में नहीं होगा कोरोना का इलाज, जानिए क्या है कारण

अलवर सामान्य अस्पताल में कोरोना का इलाज नहीं किया जाएगा, कोरोना के मरीजों को लॉर्ड्स व मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया जा रहा है
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Updated: 31 Jul 2020, 8:35 AM IST
Alwar Corona Positive Patient Will Not Admit In General Hospital
अलवर में बढ़ रहा कोरोना , लेकिन अब सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में नहीं होगा कोरोना का इलाज, जानिए क्या है कारण

अलवर. चिकानी रोड स्थित लॉड्र्स हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमितों को भर्ती किए जाने के बाद से जिला अस्पतालमें संक्रमित मरीजों की संख्या अब घटने लगी है। पिछले चार दिनों में लॉड्र्स में करीब 60 मरीज भर्ती हो चुके हैं। जिनमें से कुछ को डिस्चार्ज किया जा चुका है।प्रशासन का कहना है कि सामान्य अस्पताल में दूसरी बीमारियों के मरीजों का इलाज फिर से शुरू किया जाना है, ऐसे में लॉर्ड्स व ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।

इधर जिला अस्पताल में अब भर्ती मरीजों की संख्या कम होने लगी है। यहां अब करीब 33 मरीज भर्ती हैं। असल में जब से लॉड्र्स हॉस्पिटल में कोरोना मरीज भर्ती करना शुरू किया है तभी से जिला अस्पताल में नए मरीज भर्ती करना बंद कर दिया है। केवल विशेष परिस्थिति वाले मरीजे को ही जिला अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। जिसके कारण अब लॉड्र्स में ही मरीज भर्ती होने लगे हैं। यहां चार दिनों में कुछ मरीजों को डिस्चार्ज भी किया गया है। जिनकी तबीयत में सुधार हो गया। उनको शपथ पत्र के आधार पर होम आइसोलेशन में भी भेजा गया है।

उधर, इएसआइसी मेडिकल कॉलेज के भवन में भी कोरोना मरीजों को भर्ती किया जाने का क्रम जारी है। वहां बिना लक्षण वाले मरीजों को एक तरह से क्वारंटाइन करने को लाया जाता है। जरूरत पडऩे पर स्टाफ की मदद ली जाती है।

11 मरीज आइसीयू में

जिला अस्पताल में 11 मरीज आइसीयू में भर्ती हैं। वहीं लॉड्र्स हॉस्पिटल में भी दो मरीज आइसीयू में भर्ती हैं। एक मरीज को बुधवार को जयपुर के लिए रैफर किया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिनों में कोरोना से दो मरीजों की मौत हो चुकी है। जो कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों से भी ग्रसित थे।

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