राजस्थान के अलवर में गुरुवार देर रात अग्रसेन पुलिया के समीप गोवंश के अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद हिंदू संगठनों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद है और डॉग स्क्वायड व FSL की टीमें सबूत जुटाने में लगी हैं।
राजस्थान के अलवर शहर में एक बार फिर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश का मामला सामने आया है। गुरुवार देर रात शहर के व्यस्ततम इलाके अग्रसेन पुलिया के समीप गोवंश का कटा हुआ सिर और पैर मिलने से हड़कंप मच गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद रात भर हंगामा चलता रहा।
सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल और गोरक्षा दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी और धरने पर बैठ गए। शुक्रवार सुबह मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘डॉग स्क्वायड’ की टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल के आसपास के इलाकों की सघन तलाशी ली ताकि दोषियों का सुराग लगाया जा सके।
घटनाक्रम के अनुसार 9 अप्रैल की रात करीब 8.30 बजे एक स्थानीय दुकानदार ने पुलिया के पास गोवंश का कटा हुआ सिर पड़ा देखा, जिसे कुत्ते इधर-उधर खींच रहे थे। थोड़ा आगे बढ़ने पर उसे गोवंश के पैर भी अलग-अलग स्थानों पर पड़े मिले। इसी दौरान एक महिला, जो प्रतिदिन की तरह गाय को रोटी देने आई थी, उसने भी इन अवशेषों को देखा और शोर मचाया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
पुलिस ने मौके पर एफएसएल (FSL) टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। अवशेषों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस के समक्ष गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिया के आसपास स्थित कुछ ढाबों पर लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। यहां नियमित रूप से गोवंश काटे जाने की आशंका है, लेकिन पुलिस की ढिलाई के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
खास बात यह है कि घटनास्थल के पास स्थित दाउदपुर मदरसे में सालाना उर्स का आयोजन चल रहा था। किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए पुलिस ने मदरसे की ओर जाने वाले रास्तों पर अतिरिक्त जाब्ता तैनात कर दिया है।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि शुक्रवार शाम तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो शनिवार को पूरे शहर में आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।