
अलवर. Cruise Shaped Government School: ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थी पानी के जहाज का चित्र केवल किताबों में ही देखते थे लेकिन अलवर में हल्दीना के सरकारी स्कूल के बच्चे अब ऐसे ही पानी के जहाज में पढ़ते हैं। समाज सेवी संस्था ने जर्जर स्कूल का कायाकल्प किया है जिससे समीपवर्ती गांवों के लोग भी इसे देखने में आ
रहे हैं।
अलवर के सरकारी स्कूलों के नवाचार देश - विदेश में सुर्खियों में रहा है। अलवर शहर के रेलवे स्टेशन स्कूल को ट्रेन का रूप देने के बाद इंदरगढ़ के स्कूल में हवाई जहाज जैसा कक्ष और उमरैण स्कूल में स्वच्छता वाहिनी के रूप में शौचालय निर्मित हुआ और अब हल्दीना के सरकारी स्कूल में पानी के जहाज जैसे कक्ष में बच्चे पढ़ रहे हैं।
सहगल फाउंडेशन कसे समग्र शिक्षा अभियान के इंजीनियर राजेश लवानिया का प्रस्ताव पसन्द आया और कई माह की मेहनत के बाद एजूकेशन क्रूज बन सका। लवानिया ने पूर्व प्रधानाचार्य डॉ कोमल कान्त शर्मा के सहयोग से प्लान और मॉडल को फाइनल रूप दिया और क्रूज का निर्माण कराकर स्कूल को आकर्षक और चाइल्ड फ्रेंडली बनाया जिससे यहां के बच्चे रोमांचित हैं और ग्रामवासी भी खुश हैं।
प्रधानाचार्य बनबारी लाल जाट ने बताया कि विद्यालय कक्षा 6 से 12 तक संचालित है और 400 बच्चे पढ़ते हैं। पूरे स्कूल को मॉडल का रूप दिया गया है जिसमें छात्रों के शौचालय को भी स्वच्छता वाहिनी का रूप दिया गया है। सहगल फाउंडेशन के अधिकारी महिपाल सिंह ने बताया कि विद्यालय के रिनोवेशन और सौंदर्यकरण में 40 लाख रुपए से अधिक लगे हैं। इसमें ग्रामीणों ने भी 2 लाख रुपए की राशि का सहयोग किया है। अलवर जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर उमरैण पंचायत समिति के हल्दीना ग्राम पंचायत के उच्च माध्यमिक विद्यालय हल्दीना को सहगल फाउंडेशन ने गोद लेकर स्कूल की तस्वीर बदल दी। यह विद्यालय अलवर की मत्स्य यूनिवर्सिटी से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
ये है एजुकेशन क्रूज में
क्रूज के शेप में दो कक्षा कक्ष बनाए गए हैं जिसका नाम एजूकेशन क्रूज दिया गया है। इस क्रूज में ग्राउंड फ्लोर पर स्मार्ट क्लास रूम है जिसमें 40 बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर है और सामने की दीवार पर 55 इंच की एलईडी लगी है ंजिसमें कक्षा 6 से 12 के बच्चे बदलते हुए कालांशों में इंटरनेट के माध्यम से पढ़ाई करते हैं। पहली मंजिल पर एक्टिविटी रूम में अपनी कल्पनाओं को साकार करने के लिए ड्राइंग आदि बनाते हैं। बाहर से देखने पर क्रूज बहुमंजिला दिखाई देता है। इसके डेक पर खड़े छात्र रोमांचित होते है और महसूस करते हैं कि हम पानी के जहाज में खड़े हैं।
क्रूज के आगे के भाग में डॉल्फिन मछली का चित्र थ्री- डी का अहसास देता है। क्रूज के पिछले भाग में मुख्य द्वार है। आगे और पीछे स्टील रेलिंग लगी है, दूसरी ओर प्रथम मंजिल पर एक्टिविटी रूम में जाने के लिए सीढिय़ां बनी हुई हैं। एजूकेशन क्रूज और स्वच्छता वाहिनी को दूर -दूर से लोग देखने आते हैं और सेल्फी लेते हैं।