
मंत्री संजय शर्मा सहित पार्षद प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निवास पर पहुंचे (फोटो - पत्रिका)
अलवर नगर निगम बोर्ड के गठन को लेकर भाजपा और कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। मतदान के बाद अब दोनों दल जीत-हार के संभावित आंकड़ों और वार्डवार समीकरणों को खंगाल रहे हैं। भाजपा ने बोर्ड गठन की रणनीति के लिए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम को अलवर में जिम्मेदारी दी है। ऐसे में अब उनके राजनीतिक कौशल की परीक्षा होगी कि वे पार्टी के लिए बहुमत का आंकड़ा कैसे जुटाते हैं।
भाजपा की ओर से गुरुवार को प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की तैयारी की गई है। पार्टी ने सभी उम्मीदवारों को एक गोपनीय स्थान पर रखने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रत्याशियों और प्रमुख नेताओं की बैठक भी हुई। सभी प्रत्याशियों से उनके वार्ड की स्थिति और मतदान के रुझान को लेकर फीडबैक लिया गया। बाड़ेबंदी के दौरान मोबाइल फोन जमा करवाए जाने की भी तैयारी है। स्थान को फिलहाल गोपनीय रखा गया है।
भाजपा की बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निवास पर प्रत्याशियों को बुलाया गया है। इसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने की चर्चा है। पार्टी की नजर अब उन वार्डों पर है जहां मुकाबला करीबी रहा है। गुरुवार को सुबह से ही बीजेपी के सभी पार्षद प्रत्याशी और मंत्री संजय शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निवास पर पहुंचे हैं।
नगर निगम चुनाव में कई वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने निर्दलीय और बागी उम्मीदवार मैदान में रहे। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों को इनसे नुकसान की आशंका है। यदि परिणाम में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
भाजपा की ओर से ऐसे संभावित निर्दलीय प्रत्याशियों से संपर्क साधने की चर्चा है, जिनके जीतने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। पार्टी उनके राजनीतिक रुझान और समीकरणों का भी आकलन कर रही है।
उधर, कांग्रेस ने भी बोर्ड गठन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में मोती डूंगरी पर बुधवार रात बैठक हुई। इसमें सभी प्रत्याशियों से वार्डवार फीडबैक लिया गया। मतदान के रुझान, बूथवार स्थिति और संभावित परिणामों पर चर्चा हुई।
अब दोनों दलों की नजर 14 सितंबर को आने वाले चुनाव परिणाम पर है। परिणाम के बाद ही साफ होगा कि अलवर नगर निगम के पहले बोर्ड की कमान किस दल के हाथ आती है और निर्दलीय पार्षद कितने निर्णायक साबित होते हैं।
Updated on:
10 Sept 2026 12:44 pm
Published on:
10 Sept 2026 12:44 pm
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