
अलवर में एक बुजुर्ग ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे की है, जब दाऊदपुर रेलवे फाटक के आस-पास रोज की तरह लोगों की चहल-पहल थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक बुजुर्ग व्यक्ति पटरी के पास घूम रहे थे। जैसे ही भुज से दिल्ली जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन वहां से गुजरी, वह अचानक तेजी से पटरी पर आए और ट्रेन के आगे लेट गए।
हादसा इतना अचानक और पलक झपकते ही हुआ कि ट्रेन के लोको पायलट (ड्राइवर) को इमरजेंसी ब्रेक लगाने या संभलने का मौका तक नहीं मिला। ट्रेन की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम मौके पर पहुंची। रेलवे सुरक्षा बल के टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को कब्जे में लेकर तुरंत जिला अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) में रखवाया। पुलिस ने मृतक की जेब और आस-पास तलाशी ली, जिससे उनकी पहचान हो सकी। इसके बाद तुरंत उनके परिवार को इस दुर्घटना की सूचना दी गई।
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान 55 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा पुत्र रामनिवास के रूप में हुई है, जो अलवर के एनईबी थाना इलाके की ओमकार कॉलोनी के रहने वाले थे। ओमप्रकाश शर्मा ट्रांसपोर्ट नगर में अपनी एक परचून (किराने) की दुकान चलाते थे। उनके दो बेटे हैं, जिनमें से बड़ा बेटा एक नामी प्राइवेट बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात है, जबकि छोटा बेटा दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर है। पिता की मौत की खबर सुनते ही हंसते-खेलते परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
थाना पुलिस और आरपीएफ मामले की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक मृतक के पास से या घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि आस-पास के लोगों और शुरुआती पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, उसके आधार पर पुलिस इसे घरेलू और पारिवारिक कलह का मामला मानकर चल रही है। फिलहाल पुलिस परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर किस मानसिक तनाव के चलते उन्होंने ऐसा आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा और जांच के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी।