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अलवर डिप्टी मेयर चुनाव आज: भाजपा से अजय पूनिया और कांग्रेस से ममता सैनी आमने-सामने

अलवर नगर निगम को पहली मेयर मिलने के बाद अब डिप्टी मेयर पद के चुनाव पर नजर है। मंगलवार को होने वाले चुनाव में भाजपा ने वार्ड 49 के पार्षद अजय पूनिया को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने वार्ड 34 की पार्षद ममता सैनी को मैदान में उतारा है।
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Sep 22, 2026
alwar deputy mayor election
भाजपा से अजय पूनिया और कांग्रेस से ममता सैनी नामांकन करते हुए (फोटो - पत्रिका)

अलवर नगर निगम में मंगलवार को डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव होगा। मेयर पद पर भाजपा की सुमनलता अग्रवाल के निर्वाचित होने के बाद अब डिप्टी मेयर पद के लिए भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। भाजपा ने वार्ड 49 के पार्षद अजय पूनिया को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने वार्ड 34 की पार्षद ममता सैनी को उम्मीदवार बनाया है।

डिप्टी मेयर चुनाव के लिए दोनों दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं। इसके बाद दोनों ने अपना नामांकन दाखिल किया। अब मतदान के बाद यह तय होगा कि नगर निगम का डिप्टी मेयर कौन बनेगा। मेयर चुनाव में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल को 42 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस की कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले थे।

अजय पूनिया का पांचवीं बार पार्षद बनने का रिकॉर्ड

भाजपा के प्रत्याशी अजय पूनिया वार्ड 49 से पार्षद हैं। इस बार वे लगातार पांचवीं बार पार्षद चुने गए हैं। खास बात यह है कि इससे पहले वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतते रहे हैं। इस बार उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। अब पार्टी ने उन्हें डिप्टी मेयर पद के लिए प्रत्याशी बनाया है।

अजय पूनिया के सामने कांग्रेस की ममता सैनी चुनाव मैदान में हैं। ममता सैनी वार्ड 34 से पार्षद हैं। कांग्रेस ने उन्हें डिप्टी मेयर पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबला नगर निगम में राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मेयर चुनाव में भाजपा को मिले थे 42 वोट

इससे पहले सोमवार को अलवर नगर निगम के मेयर पद के लिए मतदान हुआ था। भाजपा की सुमनलता अग्रवाल ने 42 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले थे। सुमनलता अग्रवाल अलवर नगर निगम की पहली मेयर बनी हैं।

मेयर चुनाव में भाजपा को 13 निर्दलीय और बसपा पार्षद का समर्थन मिला था। परिणाम के साथ ही अलवर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बन गया। अब डिप्टी मेयर चुनाव में दोनों दलों की नजर पार्षदों के समर्थन पर है।

डिप्टी मेयर का चुनाव पूरा होने के बाद अलवर नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों पर नई जिम्मेदारियां तय हो जाएंगी। इसके बाद नगर निगम के कामकाज और शहर से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर नए बोर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

Updated on:
22 Sept 2026 11:50 am
Published on:
22 Sept 2026 11:50 am