
राजस्थान के अलवर जिले में सरकारी कामों में पारदर्शिता लाने और जनता को जागरूक बनाने के लिए एक शानदार पहल की शुरुआत की जा रही है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने 'अलवर संपदा' योजना के तहत यह महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इस नए फैसले के मुताबिक अब जिले में होने वाले हर बड़े निर्माण कार्य पर नज़र रखना जनता के लिए बेहद आसान हो जाएगा।
अलवर शहर और न्यास क्षेत्र में 10 लाख रुपये से अधिक लागत के करीब 200 से अधिक विकास कार्य चल रहे हैं। अब इन सभी जगहों पर विशेष क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। कोई भी आम नागरिक अपने मोबाइल से इसे स्कैन करके काम का नाम, मंजूरी की तारीख, काम शुरू और पूरा होने का समय, ठेकेदार और जिम्मेदार सरकारी अधिकारी का नाम जैसी सभी जरूरी जानकारियां एक क्लिक पर देख सकेगा। इस डिजिटल व्यवस्था को जल्द ही पूरे अलवर जिले में लागू किया जाएगा, जिससे सरकारी कामों में जवाबदेही तय होगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अलवर जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने सभी विभागों को मिलकर काम करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जगहों पर ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं, वहां तुरंत स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड (साइनेज) लगाए जाएं। यूआईटी और नगर निगम के अधिकारियों को साफ कहा गया कि सड़क या सीवरेज के काम वाली जगहों पर बैरिकेडिंग जरूर की जाए ताकि कोई हादसा न हो।
साथ ही, शहर में ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह बन रहे ई-रिक्शा पर भी शिकंजा कसा जाएगा। अब ई-रिक्शा चालकों को सिर्फ बाईं तरफ से सवारी बैठाने और तय जगहों पर ही रोकने व उतारने की अनुमति होगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को भी अहम निर्देश दिए गए। कलक्टर ने सीएमएचओ को कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना का प्रचार किया जाए, जिसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस (मुफ्त) इलाज दिया जाता है।
साथ ही केंद्र सरकार की 'सफर' योजना की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाए। इस अहम बैठक में एडीएम शहर अम्बालाल मीणा, एएसपी डॉ. दीपक शर्मा और पीडब्लूडी सहित कई विभागों के बड़े अधिकारी मौजूद रहे।