
खराब मौसम, भारी बारिश की चेतावनी और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा कारणों से अमरनाथ यात्रा समय से पहले रोक दी गई है। अमरनाथ यात्रा को 19 जुलाई से अस्थायी रूप से निलंबित (रोक) दिया गया है। पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मौसम साफ होने और मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही यात्रा फिर से शुरू की जाएगी।
ऐसे हालात में अलवर जिले के कई श्रद्धालु वहां फंस गए हैं। इसके बावजूद इन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। इनका कहना है कि बाबा ने बुलाया तो फिर से आएंगे। अलवर जिले से गए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन किए बिना ही लौट रहे हैं। वहां अलवर की ओर से लगाए गए भंडारे भी अब खाली हो गए हैं। सोमवार तक जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही थी, वहीं अब केवल टेंट नजर आ रहे हैं।
थानागाजी निवासी यशवंत मीणा, विकास, मुकेश चंद, द्वारका प्रसाद, करतार मीणा और नरेंद्र कुमार ने पत्रिका रिपोर्टर को मोबाइल फोन पर बात कर बताया कि वे 19 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुए थे, लेकिन पिछले तीन दिनों से कटरा में ही रुके हुए हैं। भूस्खलन के बाद जम्मू से आगे का मार्ग बंद कर दिया गया है।
उन्हें 22 जुलाई को बाबा के दर्शन करने थे, लेकिन रामबन से आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने बताया कि भले ही इस वर्ष प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह विकसित नहीं हुआ, फिर भी वे पवित्र गुफा और बाबा की नगरी के दर्शन के लिए जा रहे थे, लेकिन अब उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है।
अलवर शहर निवासी रतन सिंह भी यात्रा बंद होने के कारण बिना दर्शन किए लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे सोनमर्ग में रुके हुए थे, लेकिन सेना ने आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद वे श्रीनगर लौट आए और अब अलवर के लिए रवाना हो गए हैं।
गोविंदगढ़, नौगांवा और रामगढ़ क्षेत्र से 15 तीर्थयात्रियों का सामूहिक जत्था भी बिना दर्शन किए वापस लौट रहा है। इस दल में शामिल गोविंदगढ़ निवासी नीलम सोनी ने बताया कि वे 18 जुलाई को दर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। अंजली सोनी ने वीडियो जारी कर कहा कि हम लौट रहे हैं, लेकिन निराश नहीं हैं। जगदीश सोनी ने कहा कि बड़ी उम्मीदों के साथ हम यात्रा पर निकले थे, लेकिन तीन दिन इंतजार के बाद लौटना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वहां मौसम बेहद खराब है और आतंकी घटनाओं के कारण भी भय का माहौल बना हुआ है।
अमरनाथ बर्फानी सेवा मंडल की ओर से बालटाल में लगाया गया भंडारा भी अब पूरी तरह खाली हो गया है। इसी तरह अमरनाथ सेवा मंडल का भंडारा भी श्रद्धालुओं के लौटने के बाद सूना पड़ गया है। सोमवार तक जहां रौनक थी, वहां अब केवल टेंट ही दिखाई दे रहे हैं।