अलवर

जनअनुशासन पखवाड़े और कोरोना के रोकथाम को लेकर अलवर जिला कलक्टर से बातचीत, गाइडलाइन्स भी स्पष्ट की

अलवर जिला कलक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने कोरोना गाइडलाइन्स और जनानुशासन पखवाड़े को लेकर पत्रिका से बातचीत की।

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Apr 21, 2021
Alwar District Collector Nannumal Pahadiya On Corona Guidelines
जनअनुशासन पखवाड़े और कोरोना के रोकथाम को लेकर अलवर जिला कलक्टर से बातचीत, गाइडलाइन्स भी स्पष्ट की

अलवर. जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिय़ा ने कहा कि कोरोना के दूसरी लहर में तेजी से बढ़ रही संक्रमण की चेन आगामी 14 दिन में तोडऩा जरूरी है। इसी के चलते राज्य सरकार ने अलवर सहित पूरे प्रदेश में सोमवार सुबह 5 बजे से जन अनुशासन पखवाड़ा शुरू किया है। इस पखवाड़े में सरकारी प्रयास के साथ ही आमजन व व्यापारियों को जागरुकता दिखाने की जरूरत है। प्रस्तुत है पत्रिका से बातचीत के प्रमुख अंश।

सवाल- जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति क्या है?

जवाब- कोरोना की दूसरी लहर में अलवर जिले में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिले में 4 हजार से ज्यादा एक्टिव मामले हो चुके हैं। आइसीयू व ऑक्सीजन सपोर्ट मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही।

सवाल- कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने का कारण क्या है?

जवाब- हम मससूस कर रहे हैं कि लोग कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अनुशासन नहीं बरत रहे। बिना काम के बाहर निकल रहे हैं तथा चेहरे पर मास्क नहीं लगा रहे तथा सोशल डिस्टेसिंग की पालना भी ठीक ठंग से नहीं कर रहे।

सवाल- कोरोना संक्रमण का ज्यादा असर क्या शहरों में हैं?

जवाब- लोगों का यह मानना कि कोरोना केवल शहरों की बीमारी है, पूरी तरह गलत है। कोरोना का संक्रमण शहर व गांवों में तेजी से बढ़ रहा है। जिले में जितने पॉजिटिव केस आ रहे हैं, उनमें 30 से 40 प्रतिशत गांवों के हैं। अब तो गांवों में कोरोना से मौत भी हो रही है।

सवाल- कोरोना से बचने के लिए लोग क्या करें?

जवाब- कोरोना के प्रति व्यक्ति लापरवाही बरत खुद तथा अपने परिवार के जीवन को संकट में डाल रहा है। सरकार व प्रशासन की ओर से कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए गाइडलाइन जारी की जा रही हैं। सरकार ने सोमवार सुबह 5 बजे से जन अनुशासन पखवाड़ा शुरू किया है। इसका उद्देश्य कोरोना से बचाव के लिए अनुशासन की सोच विकसित कर गाइडलाइन की पालना कराना है। कोरोना से बचाव के लिए सरकारी प्रयास के अलावा अब इसे जन आंदोलन बनाने की जरूरत है।

सवाल- जन अनुशासन पखवाड़े में किन पर प्रतिबंध तथा किसे छूट दी गई है?

जवाब- इस पखवाड़े में बाजार खोलने पर प्रतिबंध रहेगा। केवल अत्यावश्यक प्रकृति के व्यवसाय जैसे दूध, सब्जी, फल, किराना, कृषि यंत्र आदि को छूट दी गई है। ई मित्र व जनाधार सेंटर भी खोलने की अनुमति दी गई है। जरूरी प्रकृति की दुकानें भी शाम 5 बजे तक ही खुल सकेंगी। रेस्टोरेंट व मिठाई की दुकान पर केवल टेक अवे की सुविधा दी जा सकती है। वहां बिठाकर खिलाने पर प्रतिबंध रहेगा। जरूरी प्रकृति के सरकारी कार्यालयों को छोड़ शेष को बंद किया गया है।

सवाल- संक्रमण रोकने के लिए प्रशासन ने क्या प्रयास किए?

जवाब- कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रशासन की ओर से सख्ती से गाइडलाइन की पालना कराई जा रही है। कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान व दुकानें सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। कोरोना पॉजिटिव की ओर से गाइडलाइन की पालना नहीं करने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पतालों में दवा व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने, क्वॉरंटीन सेंटर खोलने, डेडिकेटेड हॉस्पिटल शुरू किए जा रहे हैं। जरूरी इंजेक्शन व दवा खरीद के निर्देश दिए गए हैं।

सवाल- व्यापारियों से क्या कहना चाहेंगे?

जवाब- कोरोना से बचाव में व्यापारियों की बड़ी भूमिका है, वे सरकार की गाइडलाइन की खुद पालना करें तथा ग्राहकों को कराएं। जिन व्यवसायों को छूट दी गई है, वे व्यापारी मास्क लगाकर आने वाले ग्राहकों को ही सामान दे। सोशल डिस्टेसिंग की गोले बनाकर पालना कराएं। थर्मल गन से ग्राहकों का तापमान लें।किराना के होलसेल व्यापारी रिटेल व्यापारियों व अन्य ग्राहकों को होम डिलीवरी की सुविधा दें। सब्जी, फल आदि भी मंडी के बजाय रेहडी पर बिकवाने की व्यवस्था कराएं।

सवाल- जिन व्यापारियों ने पहले शादी के सामान की बुकिंग कर ली, अब वे सामान कैसे दें?

जवाब- ऐसे व्यापारी अपने ग्राहकों को सूचित कर बुलाएं और सामान दें, सम्बन्धित एसडीओ से सीमित समय के लिए केवल बुकिंग का सामान देने के लिए अनुमति लें। लेकिन सीमित समय में नई दुकानदारी की शिकायत मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सवाल- बाहरी राज्यों से आने वाली बारात व अन्य लोगों को जिले में प्रवेश के लिए अनुमति की जरूरत होगी?

जवाब- बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों या बारात आदि को अलग से कोई अनुमति लेने कीे जरूरत नहीं होगी, लेकिन उन्हें 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

सवाल- जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढऩे से ऑक्सीजन की उपलब्धता कितनी है?

जवाब- जिले में अभी ऑक्सीजन की उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लगा तो इसकी कमी भी आ सकती है। अभी भिवाड़ी के एक प्लांट से ऑक्सीजन प्रदेश में भेजी जा रही है। वहां से जिले को मिल रही है।

Published on:
21 Apr 2021 12:09 pm