
पैंथर के रेस्क्यू की कोशिश करती टीम व मौजूद ग्रामीण (फोटो - पत्रिका)
कठूमर के बल्लूपुरा रामगढ़ गांव में रोज की तरह रविवार सुबह भी किसान अपने खेतों में काम कर रहे थे। इसी दौरान वहां छिपे बैठे एक पैंथर ने अचानक ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। पैंथर के इस अचानक हमले से खेत में काम कर रहे चतर पुत्र निहाल सिंह यादव और बबली पुत्र बाबूलाल यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के खेतों से दूसरे किसान दौड़े, तो पैंथर वहां से भाग निकला। दोनों घायल किसानों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
किसानों पर हमला करने के बाद पैंथर भागकर पास ही मौजूद एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। वह पिछले कई घंटों से उसी पेड़ पर डेरा जमाए बैठा है। जैसे ही गांव में पैंथर के आने और पेड़ पर बैठने की खबर फैली, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। देखते ही देखते आसपास के कई गांवों से सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। लोगों के मन में पैंथर को लेकर जहां एक तरफ भारी दहशत है, वहीं उसे करीब से देखने का कौतूहल भी बना हुआ है।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए धौलागढ़ थाना पुलिस, वन विभाग के एसीएफ, रेंजर और सरिस्का टाइगर रिजर्व की विशेष रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। पैंथर को सुरक्षित पकड़ने के लिए एक्सपर्ट्स और ट्रेंकुलाइज (बेहोश करने वाली) टीम भी तैनात है। वन विभाग के आला अधिकारी लगातार पेड़ पर बैठे पैंथर की हर हरकत पर नजर रख रहे हैं और उसे बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रेस्क्यू करने का प्लान बना रहे हैं।
वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने मौके पर मौजूद भारी भीड़ को देखते हुए ग्रामीणों से पेड़ के पास न जाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ के शोर से पैंथर आक्रामक हो सकता है। इस घटना के बाद से बल्लूपुरा रामगढ़ और आसपास के इलाकों के किसानों व पशुपालकों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि आबादी क्षेत्रों में सरिस्का से आने वाले वन्यजीवों की एंट्री रोकने के लिए वन विभाग नियमित गश्त बढ़ाए। फिलहाल पैंथर को काबू में करने की कोशिश लगातार जारी है।
Updated on:
21 Jun 2026 02:16 pm
Published on:
21 Jun 2026 02:15 pm
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