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Alwar News: अलवर को मिला भाखेड़ा एनीकट का तोहफा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया लोकार्पण

अलवर में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने सिंचाई विभाग की ओर से 3.34 करोड़ रुपए की लागत से बने ‘भाखेड़ा एनीकट’ का लोकार्पण किया। इससे जल संरक्षण के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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bhakheda anicut

भाखेड़ा एनीकट लोकार्पण

अलवर में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान सरकार में वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने सिंचाई विभाग की ओर से 3.34 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भाखेड़ा एनीकट का लोकार्पण किया। इस परियोजना को अलवर में जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भाखेड़ा एनीकट की कुल जल भंडारण क्षमता करीब 30 लाख लीटर है। इसके निर्माण से वर्षा जल का बेहतर संचयन हो सकेगा, जिससे अलवर शहर, भाखेड़ा गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार आएगा। लंबे समय से जल संकट और गिरते भूजल स्तर की समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के लिए यह परियोजना राहत देने वाली साबित हो सकती है।

नए पर्यटन स्थल के रूप भी पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि एनीकट के माध्यम से जल स्रोतों का पुनर्भरण बढ़ेगा और भविष्य में पेयजल उपलब्धता को मजबूती मिलेगी। वहीं, प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस क्षेत्र में जलभराव होने के बाद यह स्थल एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित होगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एनीकट बनने से न केवल किसानों और ग्रामीणों को लाभ मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र शहरवासियों और पर्यटकों के लिए एक नए पिकनिक स्पॉट के रूप में भी पहचान बनाएगा। इससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बजट घोषणा से धरातल तक का सफर और NTCA की मंजूरी

आपको बता दें कि राजस्थान सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में प्रदेशभर में 550 करोड़ रुपये की लागत से 100 नए एनीकट बनाने की घोषणा की थी। इसी योजना के तहत सरिस्का सीसीएफ (CCF) कार्यालय के ठीक पीछे भाखेड़ा में इस एनीकट का निर्माण प्रस्तावित किया गया था। चूंकि यह इलाका पर्यावरण और वन्यजीवों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, इसलिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने कड़े दिशा-निर्देशों के साथ इस परियोजना को अपनी सैद्धांतिक सहमति दी थी।


पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा का रखा गया है पूरा ध्यान

यह एनीकट सरिस्का के पास बना है, इसलिए राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने इसके निर्माण और उपयोग को लेकर बेहद सख्त शर्तें रखी हैं। पहली शर्त यह है कि भविष्य में इस एनीकट की ऊंचाई कभी भी नहीं बढ़ाई जा सकेगी और इसका इस्तेमाल केवल भूजल रिचार्ज के लिए ही होगा।

इसके अलावा, परियोजना एजेंसी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए रीजनल प्लानिंग एंड एरिया कंजर्वेशन स्कीम (RPACS) के तहत फंड जमा करना होगा। इस फंड से आसपास के 10 हेक्टेयर क्षेत्र में सघन पौधरोपण किया जाएगा, पर्यटन व गश्त मार्गों को सुधारा जाएगा और वन नाकों को मजबूत किया जाएगा।