
इन दिनों जिले व शहर की सरकार जिला परिषद व नगर परिषद में जनप्रतिनिधि व नौकरशाहों के बीच जंग सी हो रही है। जिला परिषद में सर्वोच्च जिला प्रमुख खुद धरने पर बैठकर गीता पढ़ रही हैं। उनका कहना है कि जिला प्रमुख के अधिकारों का हनन हो रहा है। अधिकारी मनमर्जी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। वहीं नगर परिषद के सर्वोच्च अधिकारी आयुक्त खुद को ही असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने तो पुलिस सुरक्षा तक मांग ली है। ऐसे में जनता की कौन सुनेगा? जब खुद सरकार के मुखिया व अधिकारी आपस में उलझ जाएंगे तो आखिर नुकसान तो जनता का ही होगा। नगर परिषद में तो पार्षद व अधिकारियों की खींचतान सडक़ पर आ गई है।
नगर परिषद आयुक्त ने मांगी पुलिस सुरक्षा
नगर परिषद में आयुक्त व पार्षदों के बीच विवाद थम नहीं रहा है। आयुक्त ने बकायदा पुलिस सुरक्षा तक मांग ली है। मंगलवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर महेन्द्र मीना इस विवाद का समाधान कराने पहुंचे लेकिन कुछ नहीं हो सका। दिन भर आयुक्त के कार्यालय के पास पुलिसकर्मी बैठा रहा।
माहौल खराब हो रहा
जिस तरह का माहौल बन रहा है उसे देखते हुए पुलिस को सूचित किया हुआ है। अब कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया है। भर्ती की लॉटरी की तैयारी चल रही है।
संजय शर्मा, आयुक्त, नगर परिषद अलवर
हाथ में गीता लेकर धरने पर बैठी जिला प्रमुख
अलवर जिला परिषद में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा एवं अधिकारियों की तानाशाही से नाराज जिला प्रमुख रेखा राजू यादव हाथ में गीता लेकर मंगलवार को परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गईं। जिला प्रमुख के धरने की भनक लगते ही परिषद के सीईओ व एसीईओ अपने-अपने कार्यालयों पर ताला जड़ निकल लिए। इससे परिषद में दिनभर कोई कामकाज नहीं हो सका। काम के सिलसिले में दूरदराज से जो लोग जिला परिषद पहुंचे, उन्हें अधिकारियों के नहीं मिलने पर बैरंग लौटना पड़ा।
यह भी पढ़ें