अलवर

अलवर जिले में हर दिन होता है करीब 50 लाख लीटर दूध का उत्पादन, जानिए किस प्रकार मालामाल होंगे पशुपालक व किसान

अलवर जिला राजधानी दिल्ली से सटा हुआ एनसीआर का एक मुख्य जिला है ,जहां लगभग 28 से 50 लाख लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन किया जाता है

less than 1 minute read
Jan 01, 2022
अलवर जिले में हर दिन होता है करीब 50 लाख लीटर दूध का उत्पादन, जानिए किस प्रकार मालामाल होंगे पशुपालकों किसानों

अलवर. भारत की गिनती विश्व के अधिकतम दुग्ध उत्पादक देशों में की जाती है, दूसरी ओर राजधानी दिल्ली के नागरिकों और वहां आने जाने वालों के लिए प्रतिदिन लगभग 50 लाख लीटर दूध की आवश्यकता होती है। अलवर जिला राजधानी दिल्ली से सटा हुआ एनसीआर का एक मुख्य जिला है ,जहां लगभग 28 से 50 लाख लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन किया जाता है। सरकार अगर योजना शुरु करे तो अलवर से दिल्ली और गुरुग्राम में दूध पहुंचाया जा सकता है। इससे दुग्ध उपलब्ध कराने वाले पशुपालकों किसानों को भी फायदा होगा।

अलवर डेयरी के चेयरमैन बन्ना राम मीणा बताते हैं कि वर्तमान में अलवर डेयरी 16000 लीटर दूध का ही वितरण दिल्ली में कर रही है, 10000 लीटर का वितरण आर्मी को किया जा रहा है। यदि सरकार का सहयोग रहे तो अलवर डेयरी दिल्ली के दूध की कमी को दूर कर सकती है, अलवर डेयरी गत कई वर्षों से इस और प्रयासरत है। वर्तमान में अलवर के पशुपालक को कई योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है और सभी को शुद्ध दूध की आपूर्ति की जा रही है। यदि ऐसा होता है तो अलवर के किसानों के लिए आर्थिक योगदान होगा।

एनसीआर से हटने के बाद विकास के नए आयाम स्थापित होंगे

अलवर जिले के अधिकतर भाग को एनसीआर से हटाने का सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। एनसीआर की पाबंदियों से मुक्त होने के बाद कई प्रकार की छूट हमें मिलेंगी। इसका सीधा असर अलवर के उद्योग-धंधे और कारोबार पर नकारात्मक पड़ रहा था। एनसीआर से हटने का सीधा प्रभाव ऑटो मोबाइल क्षेत्र पर आएगा। अलवर में उद्योग हो या अन्य कारोबार, सभी के लिए यहां पर्याप्त संसाधन हैं, आवश्यकता है कि इसके अनुकूल वातावरण बनाया जाए। आने वाला साल २०२२ अलवर जिले में विकास के आयाम स्थापित करेगा।

- निकुंज सांघी, ऑटो डीलर व्यवसायी, अलवर।

Published on:
01 Jan 2022 09:06 pm
Also Read
View All