
राजस्थान के अलवर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला एवं सत्र न्यायालय (डीजे कोर्ट) को बम से उड़ाने की धमकी मिली। कोर्ट की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजे गए एक धमकी भरे मेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर के भीतर छह खतरनाक जिलेटिन बम छिपाकर रखे गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा ईमेल तमिल भाषा में लिखा हुआ था। जैसे ही इस धमकी की खबर फैली, पूरे कोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई और पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह धमकी भरा ईमेल रविवार रात को ही कोर्ट की ईमेल आईडी पर भेज दिया गया था। सोमवार सुबह जब कर्मचारी दफ्तर पहुंचे और रूटीन के तहत कंप्यूटर पर ईमेल चेक किया, तो इस धमकी को देखकर उनके होश उड़ गए। कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक (SP) को दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल और डॉग स्क्वायड की विशेष टीमें तुरंत ऐतिहासिक महल परिसर में स्थित डीजे कोर्ट के लिए रवाना हो गईं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए पुलिस ने सबसे पहले पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराया। वकीलों, कर्मचारियों और मुकदमों के सिलसिले में आए फरियादियों को तुरंत बाहर निकाला गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कोर्ट के चप्पे-चप्पे की तलाशी अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे तक चली।
जांच के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते को राहत की सांस मिली, क्योंकि परिसर में कोई भी बम या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से परिसर को पूरी तरह सुरक्षित (Safe) घोषित किए जाने के बाद ही न्यायालय का नियमित कामकाज दोबारा बहाल किया जा सका।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब अलवर की किसी महत्वपूर्ण सरकारी इमारत को निशाना बनाने की धमकी दी गई हो। इससे पहले भी शहर के डाक विभाग स्थित पासपोर्ट ऑफिस और मिनी सचिवालय जैसी वीआईपी और संवेदनशील सरकारी इमारतों को इसी तरह बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं।
फिलहाल, पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। साइबर सेल की मदद से ईमेल भेजने वाले के आईपी एड्रेस (IP Address) और लोकेशन को ट्रेस किया जा रहा है ताकि इस शरारत या साजिश के पीछे छिपे चेहरे को बेनकाब किया जा सके।