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अलवर जिले के बीएड कॉलेजों का यह है बुरा हाल, नहीं हो रही सरकारी नियमों की पालना

वेबसाइट नहीं बना कर छिपा रहे तथ्य
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Updated: 22 Jul 2018, 9:17 AM IST
Alwar : Do not have trained professors in colleges
अलवर जिले के बीएड कॉलेजों का यह है बुरा हाल, नहीं हो रही सरकारी नियमों की पालना

अलवर. एक तरफ उच्च शिक्षा में सुधार के लिए सरकार प्राइमरी स्कूलों में भी प्रशिक्षित शिक्षकों की बात पर जोर दे रही है। दूसरी ओर अलवर जिले के बीएड कॉलेजों में सरकारी नियमों की परवाह नही की जा रही है। इन महाविद्यालयों में सरकार के नियमों का उल्लंघन कर प्रशिक्षित स्टॉफ ही नहीं रख रहे हैं, जिन्होंने इससे बचने की गली निकाली है। ऐसे कॉलेजों ने अभी तक अपनी वेबसाइट तक नही बनाई है।
अलवर जिले में बीए बीएड के 16 महाविद्यालय हैं जिनमें चार वर्षीय पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जा रही है। राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऐसे मात्र 13 कॉलेजों के ही नाम सामने आ रहे हैं। विश्वविद्यालय को अपनी वेबसाइट पर ऐसे सभी कॉलेजों के प्रिंसीपल के साथ पूरे स्टॉफ का नाम दर्शाना अनिवार्य है।
इसी प्रकार सभी महाविद्यालयों को अपनी वेबसाइट बनाना आवश्यक है जिस पर प्रिंसीपल सहित पूरे स्टाफ का नाम व पता तथा उनकी शैक्षिक योग्यता लिखनी आवश्यक होती है। विश्वविद्यालय ने अभी तक इन महाविद्यालयों के प्रिंसीपल के नाम वेबसाइट पर नहीं दिए हैं जबकि महाविद्यालयों ने तो अभी तक अपनी वेबसाइट ही नहीं बनाई है। ये वेबसाइट जानबूझकर नही बना रहे हैं जिससे उनके स्टाफ की शैक्षिक योग्यता के बारे में किसी को जानकारी मिल सके।

पूर्ण योग्यताधारी नहीं हैं प्राचार्य और स्टाफ :

अलवर जिले के कई बीए व बीएड कॉलेजों में प्राचार्य सहित अन्य स्टॉफ प्रशिक्षित नहीं है। विश्वविद्यालय ने इन महाविद्यालयों को सम्बद्धता प्रदान करते समय महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा अन्य स्टॉफ के मूल प्रमाण पत्रों की जांच नहीं की गई और न ही इनके प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय में रखे गए हैं। जिले के अन्य बीएड कॉलेजों के सभी प्राचार्य और स्टॉफ के मूल प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय ने रख रखे हैं।

ये हैं अलवर जिले के बीए और बीएड कॉलेज

बीडीएमएल आफ एज्युकेशन, डहलावास, बानसूर महाविद्यालय बानसूर, भारतीय प्रशिक्षण संस्थान महाराजाबास बहरोडय़, भारतीय टीटी कॉलेज किशनगढ़बास, चिल्ड्रन एकेडमी बख्तल की चौकी अलवर, दीप इंटरनेशनल कॉलेज हरसौली कोटकासिम, महाराजा महिला कॉलेज आफ एज्युकेशन भगवाड़ी कला बहरोड़, मत्स्य विश्वविद्यालय बानसूर, पोदार शिक्षण संस्थान लक्ष्मणगढ़, राजस्थान कॉलेज आफ एज्युकेशन जखराना, तक्षशीला कॉलेज बहरोड़, विधास्थली टीटी कॉलेज कठूमर तथा विवेकानंद महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय बीबीरानी।

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