
अलवर। शहर के खदाना मोहल्ले में 80 वर्षीय बुजुर्ग की घर में हत्या बेहरमी से हत्या कर दी। अज्ञात बदमाशों ने बुजुर्ग के हाथ, पैर और मुंह बांधकर वारदात को अंजाम दिया। ऐसे में उनकी गला दबाकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना की खबर मिलते ही आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की दिनेश चंद अग्रवाल नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के सगे मामा तथा पूर्व सीएमएचओ डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। वे खदाना मोहल्ले स्थित अपने मकान में अकेले रहते थे। उनके एक बेटा और तीन बेटियां हैं। बेटा विकास एमआर है, जो स्कीम नंबर-4 में अपने परिवार के साथ रहता है। जबकि एक बेटी अलवर शहर और दो बेटियां बाहर रहती हैं।
परिजनों के अनुसार मृतक दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले से रात करीब 7 बजे भोजन करने के लिए बेटे के घर स्कीम नंबर 4 जाते थे। वहां से रात करीब 10 बजे वापस खदाना मोहल्ला वापस आते थे। लेकिन गुरुवार रात करीब साढ़े 8 बजे तक भोजन करने के लिए बेटे के घर नहीं आए। इसके बाद परिजनों ने उन्हें लैंड लाइन पर फोन किया। लेकिन उनका फोन नहीं लगा। इसके बाद करीब पौने 9 बजे बेटा विकास और पोती गहना खदाना मोहल्ला आए,तो मकान का दरवाजा अंदर से लॉक था।
इसके बाद आवाज देने पर अंदर से कोई जवाब नहीं आने पर विकास ने अपने बेटे धैर्य को फोन कर दूसरी चाबी मंगवाई। फिर अंदर जाकर देखा, तो दिनेश चंद अग्रवाल बेड पर मृत पड़े थे। घर के लैंड लाइन फोन का तार भी काटा हुआ था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर एससपी डॉ. दीपक कुमार, सीओ सिटी अंगद शर्मा, कोतवाल रमेश सैनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। साथ ही एफएसल टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। साथ टीम भी मौके पर पहुंची और पड़ताल शुरू कर दी।
नगर परिषद के पूर्व चैयरमैन अग्रवाल ने बताया कि उनके मामा दिनेशचंद अग्रवाल पुराने नोट बदलने का काम करते थे। वे बैंक से नए नोटों की गड्डियां लाकर लोगों को देते थे। उनके पास घर पर 4-5 लाख रुपए की नकदी हमेशा रहती थी। हालांकि अभी स्पष्ट नहीं हो पाया कि बदमाशों ने उनकी हत्या किस वजह से की।
परिजनों ने बताया कि मृतक दिनेशचंद के पूरी तरह स्वस्थ थे। वे कहीं आने-जाने व जरूरत के सभी काम साइकिल से ही करते थे। हर दिन स्कीम-4 में बेटे के मकान पर खाना खाने के लिए भी साइकिल से आते थे। बुधवार को उनकी साइकिल पंचर हो गई थी। जिसके कारण वे पैदल खाना खाने बेटे विकास के घर आए थे। रात को करीब 10 बजे विकास ही उनको खदाना मोहल्ला स्थित घर पर छोड़कर गया था। जिसके बाद परिजनों से उनका कोई संपर्क नहीं हुआ था।
घटना की सूचना मिलने पर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से मामले का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, लेकिन इससे भी अधिक शर्मनाक मुख्यमंत्री एक शब्द नहीं बोलते है, आखिर यह जवाबदेही किसकी है? मुख्यमंत्री, आज राजस्थान में कानून का नहीं, अपराधियों का राज चल रहा है। प्रदेश भय, असुरक्षा और अराजकता में जीने को मजबूर है।