अलवर के मोती नगर निवासी 44 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर गगन अग्रवाल ने वंदे भारत ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही पत्नी और ससुराल वाले उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
अलवर-राजगढ़ रेल मार्ग पर ढिगावड़ा और पूनखर के बीच रेलवे फाटक के पास एक व्यक्ति के ट्रेन से कटने की सूचना पुलिस को मिली। राजगढ़ थाने के एएसआई रामफूल मीना तुरंत नगरपालिका की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस घटना में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
पुलिस को मृतक की जेब की तलाशी लेने पर मिले दस्तावेजों से उसकी पहचान अलवर शहर की काली मोरी (मोती नगर) निवासी गगन कुमार अग्रवाल (44) पुत्र जवाहर लाल अग्रवाल के रूप में हुई। पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर राजगढ़ सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) की मोर्चरी में भिजवाया और परिजनों को घटना की सूचना दी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि गगन अग्रवाल जानी-मानी आईटी कंपनी आईबीएम (IBM) में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम करते थे। मृतक के दोस्त ललित मोहन गुप्ता और बड़े भाई निर्मल कुमार अग्रवाल के अनुसार गगन पिछले काफी समय से गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही गगन की पत्नी, सास और ससुर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
मृतक का ससुराल उत्तर प्रदेश के झांसी में है। भाई निर्मल कुमार के मुताबिक, परिवार ने कई बार बैठकर आपसी समझाइश और मामले को सुलझाने का प्रयास भी किया था, लेकिन ससुराल पक्ष के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ। रोज-रोज के झगड़ों और प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार गगन ने ढिगावड़ा स्टेशन के पास दिल्ली-अजमेर वंदे भारत ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
आत्महत्या के मामले में मृतक के भाई निर्मल कुमार अग्रवाल की शिकायत पर पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके मायके पक्ष के लोगों के खिलाफ प्रताड़ना एवं आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना के चलते मृतक ने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों और आरोपों की सत्यता की हर पहलू से जांच की जा रही है। इसके लिए मृतक की कॉल डिटेल्स, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को खंगाला जाएगा। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।