
अलवर के इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर आई है। पहले इंजीनियरिंग कर रह विद्यार्थियों को कोटा तकनीकी विश्वविद्यालय की ओर से डिग्री प्रदान की जाती थी, लेकिन अब अलवर जिले के इंजीनियरिंग कॉलेजों में इस वर्ष प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय से डिग्री मिलेगी। यहीं नहीं जिले के इंजीनियरिंग कॉलेजों को दो विश्वविद्यालयों से मान्यता लेनी होगी। राज्य सरकार ने बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय का गठन किया है जिसके अधीनस्थ अलवर, भरतपुर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर के इंजीनियरिंग कॉलेज किए हैं। इनके अधीनस्थ 30 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं जिनमें 14 हजार 500 सीटें हैं। इससे पूर्व अलवर जिला राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा के अधीनस्थ था। इसके अधीनस्थ 130 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं।
हमारे विद्यार्थियों को बीकानेर विश्वविद्यालय की मिलेगी डिग्री
नए शिक्षा सत्र से अलवर जिले के इंजीनियरिंग करने वाले विद्यार्थियों को बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय की डिग्री मिलेगी। इससे पूर्व प्रथम वर्ष आरटीयू से करने वालों को डिग्री भी वहीं से मिलेगी। पूर्व में पंजीकृत विद्यार्थियों को डिग्री राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की मिलेगी जबकि इस वर्ष पंजीकृत होने वाले विद्यार्थियों को बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय की डिग्री मिलेगी।
बीकानेर विश्वविद्यालय अभी नया है जिसके कारण इसकी राष्ट्रीय स्तर पर साख बनने में समय लगेगा। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच. डी. चारण का कहना है कि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय कई नए पाठ्यक्रम प्रारम्भ करेगा। इस साल इंजीनियरिंग में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को पंजीयन बीकानेर विश्वविद्यालय से होगा।
दो महाविद्यालयों में करना होगा आवेदन
सरकार ने एमटेक और एमबीए कोर्स कराने के लिए राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा का क्षेत्राधिकार माना है। इसके कारण इंजीनियरिंग कॉलेजों को दो विश्वविद्यालयों से मान्यता लेनी होगी। यदि कोई विद्यार्थी एमटेक और एमबीए करना चाहता है तो उसे आरटीयू में आवेदन करना होगा। इसी प्रकार यहां के कॉलेजों को दोनों विश्वविद्यालयों से सम्बद्धता रखनी होगी। अब विद्यार्थियों को किसी भी काम के लिए बीकानेर जाना पड़ेगा।