ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल घोटाले के आरोपियों एसीबी टीम ने आरोपियों को दोपहर बाद न्यायाधीश के समक्ष पेश किया। उन्हें तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया है।
अलवर. ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल अलवर में मेडिकल स्टाफ की भर्ती घोटाले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को एसीबी टीम ने शुक्रवार दोपहर बाद न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। जहां से चारों आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर सौंपा गया है। एसीबी टीम चारों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है।
एसीबी अलवर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह ने बताया कि अलवर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में संविदा पर मेडिकल स्टाफ की भर्ती में घोटाले के मामले में एसीबी की टीमों ने अलवर, जोधपुर और अजमेर में कार्रवाई की।
जिसमें अलवर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मेडिकल स्टाफ की भर्ती कराने वाले गुजरात के राजकोट की एमजे सोलंकी कम्पनी के मालिक मंजल पटेल उर्फ मिनेष पटेल पुत्र नटवर लाल निवासी ए-302 उमीया तीर्थ विले, गायत्री मंदिर रोड कलोल, गांधीनगर-गुजरात, कम्पनी के फील्ड इंचार्ज भरत पूनिया पुत्र कमलेश पूनिया निवासी गांव पाल, चोहटे के पास थाना बोरानाड़ा-जोधपुर, कम्पनी के सुपरवाइजर कानाराम चौधरी पुत्र रामाराम चौधरी निवासी धायलों की ढाणी गंगाणा-जोधपुर, एम्स अस्पताल जोधपुर के सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महिपाल यादव पुत्र सुबेसिंह यादव निवासी गुलहेड़ा थाना मुण्डावर-अलवर को गिरफ्तार किया गया है।
उनके कब्जे से भर्ती घोटाले की रिश्वत राशि के रूप में 20 लाख ज्यादा रुपए जब्त किए गए हैं। चारों आरोपियों को शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अलवर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो न्यायालय की विशिष्ट न्यायाधीश शिवानी सिंह के समक्ष पेश किया गया। न्यायाधीश ने चारों आरोपियों को अनुसंधान के लिए एसीबी को तीन दिन के रिमांड पर सौंपा है।