अलवर

अलवर के चर्चित फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र केस में आया नया मोड़, जिला प्रमुख का ऑडियो वायरल

अलवर जिला परिषद के तत्कालीन सीईओ बनवारीलाल रमण और कनिष्क कटारिया के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जारी अनुभव प्रमाण पत्र और उनकी जाली सत्यापन रिपोर्ट के मामले में अब जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर का कथित ऑडियो सामने आने नया विवाद खड़ा हो गया है।
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Oct 06, 2026
Balbir Singh Chhillar
जिला परिषद व इनसेट में बलबीर सिंह छिल्लर। पत्रिका फाइल फोटो

सुशील कुमार

अलवर। जिला परिषद के तत्कालीन सीईओ बनवारीलाल रमण और कनिष्क कटारिया के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जारी अनुभव प्रमाण पत्र और उनकी जाली सत्यापन रिपोर्ट के मामले में अब जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर का कथित ऑडियो सामने आने नया विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता खेमचंद ने यह ऑडियो जयपुर की बनीपार्क थाना पुलिस को भेजकर जांच की मांग की है।

दावा किया जा रहा है कि ऑडियो में अलवर जिला प्रमुख एक महिला से 20 जुलाई 2017 के अनुभव प्रमाण पत्र के डिस्पैच नंबर को लेकर बातचीत कर रहे हैं और इसके बाद अपने सहायक से उसी तारीख के डिस्पैच रजिस्टर का नंबर वाट्सऐप पर भेजने के लिए कहते सुनाई दे रहे हैं। शिकायतकर्ता ने जिला प्रमुख के वॉयस सैंपल की एफएसएल जांच कराने की मांग की है। हालांकि, जिला प्रमुख छिल्लर ने ऑडियो की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा है कि उनकी ओर से कोई गलत अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया।

यह है पूरा प्रकरण

यह प्रकरण जयपुर की जिला परिषद में लिपिक पद पर नियुक्त हुए जगदीश शर्मा और नीलम शर्मा के अनुभव प्रमाण पत्रों से जुड़ा है। इन दोनों के अनुभव प्रमाण पत्र 20 जुलाई 2017 को अलवर जिला परिषद के तत्कालीन सीईओ बनवारीलाल रमण के हस्ताक्षर से जारी होने दर्शाए गए हैं। सितंबर 2023 में इन प्रमाण पत्रों की सत्यापन रिपोर्ट तत्कालीन सीईओ अलवर कनिष्क कटारिया के हस्ताक्षर से जारी करके जयपुर जिला परिषद को भेजी गई। जैसे ही रिपोर्ट पहुंची, तो नीलम व जगदीश की नौकरी स्थायी हो गई।

बाद में पता चला कि अधिकारियों के हस्ताक्षर से फर्जी प्रमाण पत्र व सत्यापन रिपोर्ट जारी हुई है। इसकी शिकायत के बाद जांच हुई और दोनों लिपिकों को बर्खास्त कर दिया गया। जयपुर के बनीपार्क पुलिस थाने में केस दर्ज हुआ। इस प्रकरण में पुलिस ने दो लोगों की गिरफ्तारी की और इसी प्रकरण में जिला परिषद अलवर के एक और लिपिक राजेश यादव की गिरफ्तारी हुई। यहां के कुछ लिपिकों से पूछताछ भी हुई। पुलिस जांच चल रही है। जांच के बीच ही यह ऑडियो सामने आया है।

ऑडियो में डिस्पैच नंबर मांग रहे हैं जिला प्रमुख

सामने आए ऑडियो में एक महिला जिला प्रमुख से अनुभव प्रमाण पत्र के डिस्पैच नंबर के बारे में बातचीत करती सुनाई दे रही है। बातचीत के दौरान जिला प्रमुख महिला से पूछते हैं कि डिस्पैच नंबर वर्ष 2013 का चाहिए या 2017 का। इसके बाद महिला 20 जुलाई 2017 का डिस्पैच नंबर मांगती है। इसके बाद जिला प्रमुख अपने एक सहायक लिपिक से फोन पर 20 जुलाई 2017 के डिस्पैच रजिस्टर के बारे में पूछते हैं। बातचीत में वह 20 जुलाई 2017 के डिस्पैच नंबर को वाट्सेप पर भेजने के लिए कहते हैं और अनुभव प्रमाण पत्र को अपने गांव की लड़की का बताते हैं।

इनका कहना है

बनीपार्क थाने में हमारे ही लिपिक राजेश का प्रकरण चल रहा है। इससे जुड़ा मेरा कोई प्रकरण नहीं चल रहा है। हमने जितने भी अनुभव प्रमाण पत्र दिए, उससे पहले नोटशीट जारी करवाई है। नियमानुसार कार्य हुए हैं। गलत अनुभव प्रमाण पत्र हमारी तरफ से जारी नहीं हुए हैं। ऑडियो कौनसा सामने आया है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
-बलबीर सिंह छिल्लर, जिला प्रमुख

फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के मामले की जांच चल रही है। कई तथ्य सामने आ चुके हैं। ऑडियो के मामले में जानकारी करेंगे। यदि कोई ऑडियो है, तो जांच कराएंगे।
-सुरेश कुमार, थानाधिकारी, बनीपार्क जयपुर

Updated on:
06 Oct 2026 12:14 pm
Published on:
06 Oct 2026 12:14 pm