अलवर

Rajasthan News: फर्जी ग्राम विकास अधिकारी पर दर्ज होगा केस, संयुक्त आयुक्त के आदेश से मचा हड़कंप

राजस्थान में फर्जी दस्तावेजों के दम पर सरकारी नौकरी हथियाने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अलवर जिला परिषद द्वारा बर्खास्त किए गए फर्जी ग्राम विकास अधिकारी (VDO) श्रवण लाल यादव पर 3 साल बाद भी एफआईआर दर्ज न होने पर अब पंचायती राज विभाग की संयुक्त आयुक्त ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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Jul 03, 2026
alwar fake vdo
representative picture (AI)

राजस्थान में फर्जीवाड़ा करके सरकारी सिस्टम में सेंध लगाने वालों की अब खैर नहीं है। जिला परिषद की ओर से साल 2023 में की गई ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) की भर्ती में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। इस भर्ती में श्रवण लाल यादव नाम के एक अभ्यर्थी ने फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Fake Disability Certificate) का सहारा लेकर नौकरी हासिल कर ली थी।

हालांकि, मामला खुलने पर जिला परिषद ने उसे नौकरी से बर्खास्त तो कर दिया, लेकिन 3 साल बीत जाने के बाद भी उसके खिलाफ पुलिस में आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। अब इस लापरवाही पर राज्य सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है।

अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका, इसलिए दबाई फाइल

जानकारी के अनुसार अलवर जिला परिषद ने 6 अप्रैल 2023 को श्रवण लाल यादव का नियुक्ति आदेश जारी किया था। इस आदेश की शर्त संख्या 8 में साफ तौर पर लिखा था कि यदि भविष्य में कोई भी दस्तावेज जाली या फर्जी पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके बावजूद जिला परिषद ने सिर्फ बर्खास्तगी की औपचारिकता पूरी की और मामला रफा-दफा कर दिया। सूत्रों का कहना है कि पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने से जिला परिषद के उन कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती थी, जिन्होंने वेरिफिकेशन के समय इस फर्जीवाड़े पर आंखें मूंद ली थीं। इसी मिलीभगत के डर से फाइल को दबाकर रखा गया।


एसओजी (SOG) करेगी मामले की जांच

राज्य सरकार और पंचायती राज विभाग की ओर से पहले भी कई बार जिला परिषद को पत्र भेजकर फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने और पूरे मामले को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को सौंपने के निर्देश दिए जा चुके थे। लेकिन स्थानीय स्तर पर इन आदेशों की लगातार अनदेखी की जा रही थी। अब इस मामले में पंचायती राज विभाग की संयुक्त आयुक्त कृष्णा माहेश्वरी ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला परिषद को अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है और तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिखित आदेश दिए हैं।

जांच के दायरे में आएंगे कई बड़े नाम

संयुक्त आयुक्त के इस पत्र के बाद अब जिला परिषद के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। सरकार के इस आदेश के बाद अब आरोपी श्रवण लाल यादव पर धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज होना तय है। इसके साथ ही एसओजी की एंट्री होने से इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। जांच के दौरान यह भी साफ हो जाएगा कि इस फर्जी खेल में जिला परिषद के कौन-कौन से अधिकारी और बाबू शामिल थे, जिन्होंने एक अयोग्य व्यक्ति को सरकारी कुर्सी पर बिठा दिया।

Updated on:
03 Jul 2026 11:51 am
Published on:
03 Jul 2026 11:47 am